Friday, October 23, 2009

शर्म के कारण 'असुरक्षित सेक्स'

कॉन्डम की खरीदारी में शर्मिंदगी से असुरक्षित सेक्स को बढ़ावा मिल रहा है। इसका खुलासा हाल ही में किए गए एक सर्वे में किया गया है। सर्व

े में यह बात सामने आई है कि हर 10 में से एक व्यक्ति असुरक्षित सेक्स कर रहा है, क्योंकि कॉन्डम खरीदने में उसे शर्मिंदगी महसूस होती है। यह सर्वे mastersdirect.com द्वारा कराया गया है।

इसके अलावा, करीब 50 फीसदी लोग छोटे-मोटे यौन रोगों के शिकार हैं और वह इलाज के लिए शर्मिंदगी के कारण डॉक्टर के पास जाने से कतराते हैं। सर्वे में यह बात सामने आई है कि इस शर्मिंदगी के कारण लोग अपने सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

इसमें सबसे मजेदार खुलासा यह सामने आया है कि करीब एक तिहाई लोग कॉन्डम जैसे प्रॉडक्ट खरीदने जाते हैं तो शर्मिंदगी से बचने के लिए कुछ और चीजों की खरीदारी कर लेते हैं, जिनकी उनको जरूरत नहीं होती। यानी कॉन्डम के साथ बिना जरूरत के क्रीम और टूथ पेस्ट।

दिमाग के लिए बढ़िया है बिना कॉन्डम के सेक्स!

बिना कॉन्डम सेक्स दिमाग के लिए फायदेमंद है! एक स्टडी तो कुछ यही कहती है। वेस्ट स्कॉटलैंड यूनिवर्सिटी के स्टुअर्ट ब्रॉडी और उनक


े कलीग ने अपनी स्टडी में पाया कि कॉन्डम के बिना सेक्स करना महिला और पुरुष दोनों की मानसिक सेहत के लिए फायदेमंद है। हालांकि यह दूसरी बात है कि असुरक्षित यौन संबंध से प्रेगनंसी और एड्ज़ जैसी बीमारी का खतरा है।

ब्रॉडी के मुताबिक असुरक्षित यौन संबंध नेचरल प्रोसेस है। इसके कई फायदे हैं। स्टडी में यह बात भी पाई गई कि कॉन्डम से सेक्स करना कुछ लोगों की खराब मानसिक हालत के लिए जिम्मेदार था। रिसर्चर्स ने पुर्तगाल में 99 महिलाओं और 111 पुरुषों के ऊपर यह स्टडी की। ये वे लोग थे जो तनाव से गुजर रहे थे।

ब्रॉडी ने पाया कि जो लोग अनसेफ सेक्स करते हैं, वह तनाव से दूसरों की तुलना में ज्यादा बेहतर तरीके से निपटते हैं। यही नहीं उनकी मेंटल हेल्थ भी बेहतर रहती है।

जितना बड़ा लिंग, उतनी अच्छी सेहत

जिन पुरुषों के लिंग का साइज सामान्य से बड़ा होता है, वे आमतौर पर ज्यादा हेल्दी होते हैं। उनके अंदर आत्मसम्मान भी ज्यादा होता है। यह बात ऑस्ट्रेल


िया की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी में सामने आई है।

यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने पुरुष के लिंग के साइज और शरीर पर रिसर्च की। 'साइंस-अ-गोगो' नामक वेबसाइट पर छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों के लिए लिंग का साइज भी मायने रखता है, लेकिन वे ज्यादा अहमियत इस बात को देते हैं कि उनकी बॉडी शेप बाकी पुरुषों के मुकाबले कैसी है।

प्रमुख रिसर्चर ऐनाबेल चैन के मुताबिक इसे लॉकर रूम सिंड्रोम कहते हैं। चैन बताती हैं कि पुरुषों की बॉडी शेप को लेकर एक अवधारणा बनी हुई है और पुरुष इस बात को लेकर काफी चिंतित रहते हैं कि उनकी बॉडी इस अवधारणा में फिट बैठती है या नहीं। उनके साइज का सेक्शुअल रिलेशन पर क्या असर पड़ता है, इसकी चिंता उन्हें कम होती है।

पुरुषों के लिंग के साइज, बॉडी इमेज और मेंटल हेल्थ आपसी संबंधों पर हुई इस रिसर्च में सामने आया कि जिन पुरुषों के लिंग का साइज बड़ा होता है वे ज्यादा आत्मसम्मान से जीते हैं और वे अपने बॉडी शेप को लेकर भी संतुष्ट होते हैं। इस स्टडी में 40 से ज्यादा देशों के 700 पुरुषों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया। इनकी उम्र 18 से 76 साल के बीच थी।

चैन ने कहा कि यह स्टडी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक महिलाओं की बॉडी शेप पर ही बात होती रही है और पुरुषों के मामले में कोई खास डेटा उपलब्ध नहीं है।

स्टडी में पता चला कि 6 फीसदी लोग अपने बॉडी साइज से संतुष्ट थे जबकि 90 फीसदी लोग और बड़ा साइज चाहते थे। 7 फीसदी लोगों को लगता है कि वे जरूरत से ज्यादा बड़े हैं।

खूबसूरत महिलाएं कराती हैं 'फील गुड'

सुंदरियों का सामना भले ही कइयों को नर्वस कर देता हो, लेकिन ये हुस्न की मलिकाएं जब पुरुषों से बातचीत करती हैं, तो उन्हें 'फील गुड'

होता है।
एक नई रिसर्च से इस बात का खुलासा हुआ है। रिसर्चर्स ने पाया कि आकर्षक महिला की मौजूदगी से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर में अस्थाई बढ़ोतरी होती है। यह हार्मोन मर्दों की कामुकता से जुड़ा है। इससे कार्टिसोल भी पैदा होता है जो चौकन्नेपन तथा सेहत से जुड़ा है।

स्टडी के मुताबिक पुरुषों के साथ समय बिताने का ठीक उल्टा असर होता है। इससे इन दोनों प्रकार के हार्मोन का स्तर पुरुषों में कम हो जाता है।

मुख्य रिसर्सर्चर डॉ. जेम्स रोने ने कहा कि इस बढ़ोतरी के जंतुओं में भी प्रभाव देखे गए। उनके अनुसार, टेस्टोस्टेरोन और कार्टिसोल दोनों का स्तर उन पुरुषों में बढ़ गया, जिन्होंने महिलाओं से बातचीत की। लेकिन पुरुषों से बात करने पर हार्मोन के स्तर में कमी देखी गई।

बड़ी ठोड़ी वाली महिलाएं बेवफा

माना जाता है कि बड़ी ठोड़ी वाली महिलाएं पुरुषों को कम पसंद आती हैं। क्या इसकी वजह सिर्फ खूबसूरती है ? वैज्ञानिकों


की मानें, तो नहीं। इसकी वजह सिर्फ आकर्षण नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना है कि महिलाओं की उभरी हुई या बड़ी ठोड़ी बताती है कि वे बेवफा हो सकती हैं।

यह नतीजा मनोवैज्ञानिकों की एक टीम ने एक रिसर्च के आधार पर निकाला है। इस टीम ने कुछ महिलाओं का एक ग्रुप बनाया और उनसे सेक्स को लेकर उनकी फैंटसी और व्यवहार के बारे में सवाल किए। उसके बाद कुछ पुरुषों से कहा गया कि इनमें से वे किसे अपनी पार्टनर के तौर पर पसंद करेंगे। पुरुषों को महिलाओं के सेक्शुअल बिहेवियर के बारे में कुछ नहीं बताया गया था
नतीजे हैरतअंगेज थे। पुरुषों ने उन महिलाओं को सबसे कम पसंद किया था, जिनकी ठोड़ी उभरी हुई थी। इन सभी महिलाओं का सेक्शुअल बिहेवियर भी चौंकाने वाला था। छोटी ठोड़ी वाली महिलाओं के मुकाबले ये सेक्शुअली ज्यादा ऐक्टिव थीं।

नॉर्थ अमेरिका की चार यूनिवर्सिटियों के वैज्ञानिकों की टीम ने नतीजा निकाला कि पुरुष उभरी हुई ठोड़ी वाली महिलाओं को कम पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें बेवफाई का डर होता है। दरअसल, उभरी हुई ठोड़ी एक मर्दाना गुण है। इसकी वजह एक मर्दाना हार्मोन टेस्टेस्टेरन है। यह हार्मोन सभी महिलाओं में पाया जाता है, लेकिन इसकी मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है। इसकी ज्यादा मात्रा सेक्शुअली ज्यादा ऐक्टिव बनाती है। पुरुषों को लगता है कि जो महिलाएं रिलेशनशिप से पहले सेक्स के मामले में ज्यादा ऐक्टिव हैं, वे बाद में बेवफा भी हो सकती हैं।

इस नतीजे की मिसाल कई मशहूर हस्तियों में भी देखने को मिलती हैं। मसलन, उभरी हुई ठो़ड़ी वाली डचेस ऑफ कार्नवाल का शादीशुदा होते हुए भी प्रिंस चार्ल्स से अफेयर था। उधर, मशहूर ऐक्ट्रिस जोने वुडवर्ड की छोटी ठोड़ी थी। उन्होंने हॉलिवुड स्टार पॉल न्यूमैन से शादी की और 50 साल तक निभाई। 83 साल की उम्र में न्यूमैन की मौत तक उनके रिश्ते में कभी कोई दिक्कत नहीं आई।