Tuesday, May 26, 2009

बड़ा धोखा है क्रेडिट कार्ड में...

आज के दौर में क्रेडिट कार्ड फैशन स्टेटमेंट की बजाए एक जरूरत बन गया है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने

वाले लोग अक्सर तमाम शिकायतें करते नजर आते हैं। थोड़ी-सी लापरवाही और कुछ नासमझी के चलते लोग अक्सर धोखा उठा बैठते हैं। क्या हैं क्रेडिट कार्ड से जुड़े सामान्य घपले? कार्ड यूज करते वक्त एक आम कस्टमर को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है? आमतौर पर लोग क्या गलतियां करते हैं? इसी के बारे में जानते हैं

क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायतें करने के लिए लोगों को आमतौर पर लोगों के कस्टमर केयर का ही नंबर पता होता है, लेकिन अगर वहां सुनवाई न हो तो आगे भी शिकायत की जा सकती है। शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया पर आरबीआई, नई दिल्ली के रीजनल डायरेक्टर आर. गांधी से बातचीत की

क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायतों की सुनवाई अगर संबंधित बैंक न करे तो क्या करें?

ऐसे में बैंकिंग ओम्बड्समन के ऑफिस में शिकायत की जा सकती है। हर राज्य की रिजर्व बैंक अव इंडिया (आरबीआई) की ब्रांच में यह कार्यालय होता है। कई छोटे राज्यों में दो राज्यों की मिलाकर एक ही ब्रांच होती है। जैसे दिल्ली में दिल्ली और जम्मू-कश्मीर की साझी ब्रांच आरबीआई में है। बैंकिंग ओम्बड्समन में शिकायत तभी दर्ज होगी, जब बैंक आपकी शिकायत पर एक महीने तक कोई कार्रवाई नहीं करता। बैंकिंग ओम्बड्मन में शिकायत या तो लिखित करें या फिर ई मेल करें। साथ ही अपने बैंक को की गई शिकायत की रिसीविंग भी जरूर लगाएं। बैंकिंग ओम्बड्समन की शिकायत ऑनलाइन भी की जा सकती है।

पता : बैंकिंग ओम्बड्समैन, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया बिल्डिंग, दूसरी मंजिल, ६ संसद मार्ग, नई दिल्ली

फोन : 011-23725219

ईमेल: bonewdelhi@rbi.org.in

वेबसाइट: www.bankingombudsman.rbi.org.in

ओम्बड्समन के पास शिकायत करने के कितने दिन बाद कार्रवाई पूरी हो जाती है?

वैसे तो ओम्बड्समन के पास की गई शिकायत पर कार्रवाई की कोई टाइम लिमिट नहीं है। फिर भी आमतौर पर तीन महीने के अंदर मामलों का निपटारा हो जाता है।

बिल की ड्यू डेट से कितने दिन पहले कस्टमर को बिल मिल जाना चाहिए? क्या इस बारे में आरबीआई ने कोई नियम बनाए हैं?

आरबीआई ने ऐसे नियम तो नहीं बनाए हैं पर हर बैंक को अपने कस्टमर को इस बारे में पहले ही बता देना चाहिए। यह निर्देश आरबीआई ने सभी बैंकों को पहले से ही दे रखा है कि अपने कस्टमर्स को इस बारे में आगाह कर दे। जो बैंक ऐसा नहीं कर रहे, उनके बारे में आरबीआई के डिपार्टमंट ऑफ बैंकिंग सुपरविजन में शिकायत की जा सकती है।

लेट फीस और उस पर लगने वाले ब्याज के लिए क्या कोई सीलिंग है?

नहीं, सीलिंग का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इस बारे में अभी तक बैंकों पर ही छोड़ा गया है कि वे कितना सर्विस चार्ज या ब्याज लें। लेकिन उन्हें निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे इस बारे में शुरू में ही कस्टमर को अपनी शर्ते बता दें और पूरी पारदर्शिता से काम करें। नैशनल कंज्यूमर फोरम ने भी इस बारे में कुछ निर्देश दिए है लेकिन उन पर बैंकों द्वारा केस लड़ा जा रहा है।


इन दिनों क्रेडिट कार्ड रखना लग्जरी या फैशन से कहीं ज्यादा जरूरत बन गया है। यह सुविधाजनक और फायदेमंद दोनों है। लेकिन अक्सर लोग क्रेडिट कार्ड को लेकर तमाम दिक्कतों का सामना भी कर रहे होते हैं।

क्रेडिट कार्ड कैसे-कैसे

कंपनियां आमतौर पर तीन तरह के कार्ड मुहैया कराती हैं - वीजा, मास्टर और एमैक्स। इन तीन कटिगरी में भी गोल्ड, सिल्वर और क्लासिक/इग्जेक्युटिव तीन सब-कटिगरी होती हैं। इन तीनों में मिलनेवाली सुविधाएं अलग-अलग होती हैं।

आमतौर पर गोल्ड कार्ड में सबसे ज्यादा इन्शुअरन्स कवर, बैगेज कवर, डिस्काउंट, रिवॉर्ड पॉइंट और दूसरी सुविधाएं दी जाती हैं। इस पर ब्याज भी सबसे कम वसूला जाता है, लेकिन इसकी फीस व सर्विस चार्ज सबसे ज्यादा होते हैं। कार्ड जारी करने के लिए यों तो कोई खास नियम नहीं हैं लेकिन साधारण कार्ड आमतौर पर उन लोगों के जारी किए जाते हैं, जिनकी सालाना कमाई कम-से-कम 70 हजार रुपये हो, जबकि गोल्ड कार्ड के लिए सालाना कमाई 1.80 लाख रुपये होनी चाहिए।

क्या हैं फायदे

हमेशा अपने साथ कैश लेकर चलना सुविधाजनक नहीं है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड सहूलियत भरी शॉपिंग कराता है। क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने कस्टमर्स को एक निश्चित अवधि के लिए फ्री क्रेडिट पीरिअड की सुविधा देती हैं। यह अवधि स्टेटमंट डेट से लेकर पेमंट डेट तक की होती है। आमतौर पर यह 20 दिन का वक्त होता है। इस अवधि में कोई ब्याज नहीं लगता।

आप क्रेडिट लिमिट के अंदर चेक जारी कर सकते हैं और फोन पर ही ड्राफ्ट का ऑर्डर भी दे सकते हैं। ग्लोबल कार्ड के जरिए आप दूसरे देश में खरीदारी कर रुपये में भुगतान कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड कंपनियां दुकानों, होटेलों और एयर टिकिट आदि पर डिस्काउंट ऑफर करती हैं।

पर्सनल एक्सिडंट कवर और बैगेज कवर आदि की सुविधा भी दी जाती है। बैगेज कवर ज्यादातर गोल्ड व इंटरनैशनल क्रेडिट कार्ड पर ही दिया जाता है।कई कंपनियां परचेज प्रॉटेक्शन भी देती हैं। ऐसे में कार्ड से खरीदी गई चीजों के खोने, चोरी होने या आग आदि से नष्ट हो जाने पर आपको उसका बिल नहीं भरना पड़ेगा।

क्रेडिट शील्ड होना भी फायदेमंद है। अगर कार्ड होल्डर की मौत हो जाए और उसके कार्ड पर यह सुविधा है तो उत्तराधिकारी को बिल में कुछ छूट मिल जाती है। कार्ड कंपनियां शॉपिंग पर रिवॉर्ड पॉइंट्स भी देती हैं।

क्या हैं नुकसान

क्रेडिट कार्ड कई बार फिजूल की शॉपिंग की वजह बनता है। खासकर ऐसे लोग कार्ड की बदौलत ज्यादा शॉपिंग कर लेते हैं, जिन्हें शॉपिंग की लत होती है। फ्री क्रेडिट पीरिअड के बाद लगने वाला ब्याज काफी ज्यादा होता है। कार्ड इश्यू करने के लिए कंपनियां आमतौर पर फीस लेती हैं, जो सालाना 400 रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक हो सकती है। कार्ड बनवाने के लिए भी कई मामलों में सौ से लेकर एक हजार रुपये तक फीस होती है।

कई बार क्रेडिट कार्ड चोरी हो जाता है या खो जाता है। ऐसे में उसके मिसयूज का डर होता है। इससे बचने के लिए सबसे पहले कस्टमर केयर को फोन करें और अपना कार्ड तुरंत बंद करा दें। इसके लिए एफआईआर या किसी और डॉक्युमंट की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर चोरी के बाद कार्ड से शॉपिंग की गई है या कोई और फ्रॉड किया गया है तो बैंक एफआईआर की कॉपी मांगता है। कार्ड खो जाने या चोरी हो जाने की सूचना देने के बाद लायबिलिटी फीस की एक अधिकतम सीमा निर्धारित है। ज्यादातर बैंकों के मामले में यह सीमा एक हजार रुपये है। लेकिन कार्ड खोने की रिपॉर्ट करने से पहले इसकी कोई सीमा नहीं है। यानी रिपॉर्ट किए जाने के वक्त तक चुराए गए या खोए हुए कार्ड से जो भी शॉपिंग की जाएगी, उसका भुगतान कार्ड होल्डर को करना होगा।

कार्ड कंपनियां आमतौर पर उस लायबिलिटी का जिक्र करती हैं, जो रिपॉर्ट करने के बाद होती है। रिपोर्ट करने से पहले की असीमित फीस को छिपा लिया जाता है।

आम समस्याएं और समाधान .
फॉर्म रिजेक्शन: कई बार कार्ड कंपनी कस्टमर के ऐप्लिकेशन फॉर्म को रिजेक्ट कर देती हैं। ऐसे में कंपनी कस्टमर को लेटर भेजकर सूचित करती है कि उसकी ऐप्लिकेशन कैंसल कर दी गई है। कई बार कंपनियां ये जानकारी नहीं देतीं। फिर कस्टमर द्वारा जमा कराए गए सेल्फ अटैस्टेड डॉक्युमेंट्स के मिसयूज का भी खतरा होता है। ऐप्लिकेशन रिजेक्ट होने पर कंपनी से अपने डॉक्यूमेंट वापस करने को कहें।

अनसॉलिसिटेड कार्ड: कई बार बिना अप्लाई किए ही क्रेडिट कार्ड बनकर आ जाता है। ऐसी हालत में कस्टमर को बैंक में शिकायत दर्ज करानी होगी कि उसकी सहमति बिना ही उसका क्रेडिट कार्ड बना दिया गया। अगर दो से तीन हफ्ते में बैंक का रिस्पॉन्स नहीं आता है तो बैंकिंग ओम्बड्समन को अप्रोच किया जा सकता है। बैंकिंग ओम्बड्समैन की साइट है www.bankingombudsman.rbi.org.in UÐ

बिल में देरी: कस्टमर्स को बिल अक्सर जमा होने की ड्यू डेट के बाद बिल मिलता है। ऐसे में कंपनियां लेट फीस चार्ज कर लेती हैं। नियमों के मुताबिक कार्ड यूजर को बिल जमा कराने की अंतिम तारीख से 15 दिन पहले मिल जाना चाहिए। अगर बिल में कुछ गड़बड़ है या बिल ज्यादा आया है तो कस्टमर बैंक से उस ज्यादा बिल का डॉक्युमेंटरी प्रूफ मांग सकता है।

कार्ड कैंसिलेशन: अगर कार्ड बंद कराना हो तो सबसे पहले कस्टमर को पूरा पेमंट करना चाहिए। उसके बाद कार्ड को चार हिस्सों में काटकर एक लिफाफे में बंद कर एटीएम में मौजूद बॉक्स में डाल दिया जाता है। लेकिन कई बार कार्ड कैंसल कराने की गुजारिश के बावजूद कार्ड के चालू रहने और फीस आने की शिकायतें आती रहती हैं। ऐसे में तुरंत बैंक से संपर्क करें और कार्ड बंद करवाएं।

लेट फीस: ड्रॉप बॉक्स में अंतिम तारीख को या उससे पहले चेक डाल देने पर भी कंपनियां लेट फीस लगा देती हैं, जबकि अगर कस्टमर ने ड्यू डेट से पहले चेक ड्रॉप बॉक्स में डाल दिया है तो उस पर लेट फीस नहीं लगाई जानी चाहिए। अगर ऐसा हो रहा है तो अपनी कंपनी से इस बारे में बात करें और लेट फीस को बिल में एडजस्ट कराएं।

ज्यादा बिल: कई बार कस्टमर्स के पास ज्यादा बिल भेज दिया जाता है। ज्यादा बिल आने पर कस्टमर केयर में कॉल करें और बिल के बारे में स्थिति साफ करें। इसके अलावा एक और बात ध्यान रखें। अगर आप अपना पेमंट कैश कर रहे हैं तो कई कार्ड कंपनियां फाइन लगा देती हैं, इसलिए इस बारे में पता कर लें और कोशिश करें कि पेमेंट चेक के माध्यम से ही किया जाए।

इग्जेक्युटिव सुविधा: कार्ड कंपनियों की तरफ से कई बार कस्टमर के पास फोन आता है कि क्या वे उनके बिल की पेमंट के लिए अपना इग्जेक्युटिव भेज दें। कस्टमर को यह सुविधाजनक लगता है और ज्यादातर लोग इसके लिए हामी भर देते हैं। कस्टमर के हां करते ही इग्जेक्युटिव पेमेंट लेने आ जाता है, लेकिन याद रहे इस सुविधा के लिए कई कंपनियां पैसे चार्ज कर लेती हैं।

इन्शुअरन्स प्रीमियम: कुछ प्रीमियम क्रेडिट कार्ड पर कई तरह का कवर भी होता है। अगर कंपनी कस्टमर को बताकर यह सुविधा दे रही है, तब तो ठीक है, लेकिन कई कंपनियां बिना बताए ही कस्टमर को इन्शुअरन्स कवर दे देती हैं और बिना कस्टमर को बताए प्रीमियम की रकम काटी जाती रहती है। कंपनियां इस बात की भी परवाह नहीं करती कि जिस कस्टमर को वह इन्शुअरन्स कवर दे रही हैं, उसने किसी को नॉमिनेट भी किया है कि नहीं।

कैसे करें शिकायत

क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें कस्टमरों को झेलनी पड़ती हैं। कोई भी समस्या होने पर कार्ड यूजर को तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। अगर शिकायत कॉल सेंटर में कराई जा रही है तो शिकायत दर्ज कराते वक्त शिकायत नंबर, डेट और उस व्यक्ति का नाम जरूर पता कर लें, जिसे आपने शिकायत लिखाई है। कई बार कस्टमर केयर पर शिकायत की सुनवाई न होने की शिकायतें आती हैं। ऐसे में सीनियर अधिकारी से बात करने को कहा जा सकता है। इग्जेक्युटिव उसी नंबर से आपकी कॉल आगे बढ़ा देते हैं। ऐसा न होने पर कंपनी की साइट्स पर दिए गए ईमेल व नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। अगर खुद बैंक में जाकर शिकायत लिखा रहे हैं तो शिकायत की रिसीविंग जरूर ले लें। आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक हर बैंक की एक शिकायत निवारण सेल होती है। शिकायतकर्ता अपने बैंक के ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर से भी कॉन्टैक्ट कर सकता है। आरबीआई के मुताबिक इस अफसर का नाम बिल पर लिखा होना चाहिए। बैंक या कॉल सेंटर में दर्ज कराई गई शिकायत पर 30 दिन के अंदर कार्रवाई हो जानी चाहिए। अगर 30 दिन के अंदर बैंक की तरफ से कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया जाता, तो कस्टमर संबंधित ओम्बड्समन से कॉन्टैक्ट कर सकता है। यहां वह मानसिक पीड़ा, पैसे के नुकसान और हरजाने का दावा कर सकता है।

वायग्रा की तरह असर करता है तरबूज

अब तक सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए लोग न जाने कौन-कौन से नुस्खे आजमाते थे और तरह-तरह की दवाइयों का उपयोग करते थे। लेकिन हाल म

ें हुई एक रिसर्च से पता चला है कि गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए खाए जाने वाला तरबूज सेक्स ड्राइव बढ़ाने के मामले में किसी वायग्रा से कम नहीं।

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक रिसर्च में कहा है कि तरबूज का असर वायग्रा की तरह होता है। तरबूज में वह सभी गुण मौजूद हैं जो सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए शरीर पर असर डालते हैं।

भारतीय मूल के वैज्ञानिक के नेतृत्व में अमेरिकी वैज्ञानिकों की टीम ने यह रिसर्च किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि अंग्रेजी में वाटरमेलन, हिंदी में तरबूज, बंगाली में तॉरमूज, मराठी में कलंदर, गुजराती में इंद्रक, और कन्नड़ में करबूजा कहे जाने वाले इस साधारण से फल में वह सभी तत्व मौजूद हैं जो शरीर के ब्लड वेसल्स पर वायग्रा जैसा असर डालते हैं और सेक्स ड्राइव को बढ़ाते हैं।

टेक्सस एएंडएम के फ्रूट और वेजिटेबल इम्प्रूवमंट सेंटर के डायरेक्ट डॉ. भीमनगौडा (भीमू) पाटिल ने कहा- जैसे जैसे हमने तरबूज के बारे में अध्ययन किया हमें पता चला कि यह कोई साधारण फल नहीं। इसमें शरीर के लिए प्रभावकारी प्राकृतिक तत्व मौजूद हैं। अब तक तरबूज के बारे में हम सिर्फ यही जानते थे कि यह तरबूज सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें 92 प्रतिशत पानी मौजूद होता है और 0 पर्सेंट कैलरी होती है। लेकिन इसके अलावा भी तरबूज से होने वाले फायदों की लिस्ट काफी लंबी है।

उन्होंने बताया कि तरबूज से होने वाला एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि व्यक्ति की सेक्स ड्राइव को बढ़ाता है। बहुत से फलों और सब्जियों में पौषक तत्व मौजूद होते हैं। इन्हें मेडिकल भाषा में पाइथो-न्युट्रिअंट्स कहते हैं, जिनमें ऐसी बायोऐक्टिव क्षमता होती है जो शरीर के साथ आसानी से प्रतिक्रिया करने में सक्षम होते हैं और मानव शरीर पर स्वस्थवर्धक प्रभाव डालते हैं।

Sunday, May 24, 2009

वाइल्ड सेक्स से बढ़ जाते हैं प्रेग्नंसी के चांस

प्रेग्नंसी के लिए कपल्स क्या-क्या नहीं करते। डॉक्टरों के चक्कर काटने से लेकर वूडू तक सब किया जाता है। लेकिन साइंटिस्ट कहते है
ं कि एक आसान तरीका भी है। वाइल्ड सेक्स कीजिए। यानी इतने जोश और जुनून से कि सारी सीमाएं टूट जाएं।

साइंटिस्ट कहते हैं कि लव मेकिंग यानी सेक्स की क्वॉलिटी जितनी अच्छी होगी , महिलाओं के कन्सीव करने के चांस उतने ही ज्यादा होंगे। शेफील्ड यूनिवर्सिटी के सीनियर लेक्चरर ऐलन पासी के मुताबिक ऐसा सेक्स , जिसमें दोनों पार्टनर एक-दूसरे को संतुष्ट करने की पूरी कोशिश करते हैं , प्रेग्नंसी के चांस को बढ़ा देता है। वह कहते हैं कि जो कपल बच्चे के लिए कोशिश कर रहे होते हैं , वे अक्सर सेक्स को एक काम की तरह करते हैं।

पासी के मुताबिक ऐसे कपल्स ने बताया है कि उनका सेक्स बहुत मशीनी और रूटीन काम जैसा होता है। यह गलत है।

ब्रिटिश फर्टिलिटी सोसायटी के सेक्रटरी पासी कहते हैं कि सेक्स वैसा ही वाइल्ड और थ्रिलिंग होना चाहिए , जैसा आप पहली बार मिलने पर कर रहे थे और बच्चे के बारे में नहीं सोच रहे थे। आमतौर पर इंटरकोर्स के दौरान 25 करोड़ स्पर्म्स पैदा होते हैं। लेकिन एक रिसर्च के मुताबिक जब पुरुष सेक्स में पूरी तरह संतुष्ट होता है , तो स्पर्म्स की संख्या 50 फीसदी तक बढ़ जाती है।

पासी बताते हैं कि अगर आप सेक्स को रूटीन से पांच मिनट ज्यादा लंबा खींचते हैं , तो स्पर्म्स की संख्या ढाई करोड़ तक बढ़ सकती है।

पार्टनर सेक्स से जी चुराए तो...

सेक्स के मामले में अगर आप अपनी पार्टनर के बदलते मूड से कंफ्यूज हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसके पीछे क

ई कारण हो सकते हैं। जानते हैं, क्या हैं वे :

पुरुषों का मानना है कि महिलाएं बेहद राजदार होती हैं। उनकी सेक्स ड्राइव को लेकर भी वे कुछ ऐसा ही सोचते हैं। कई बार वे उन्हें सिडक्टिव लगती हैं, तो ऐसे मौके भी आते हैं जब वे क्लोज आने में दिलचस्पी नहीं दिखातीं। दरअसल, इसके पीछे कई कारण होते हैं और अपनी परेशानी दूर करने के लिए आपको उन कारणों को दूर करना ही होगा।

मूड न होना
हायपोएक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर के केसेज महिलाओं में बहुत ज्यादा देखने में आते हैं। यह बात यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में 18 से 59 साल की महिलाओं पर की गई एक स्टडी से साबित हुई। इस डिसऑर्डर से ग्रस्त व्यक्ति को सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी नहीं होती। इस डिसऑर्डर की प्राइमरी स्टेज में महिला को सेक्स की इच्छा ही नहीं होती, जबकि सेकंडरी स्टेज में उसकी पहली वाली दिलचस्पी खत्म हो जाती है। कंडिशन के बिगड़ने पर वह सेक्स से दूर भागने लगती है। इस डिसऑर्डर की वजहें कम्यूनिकेशन प्रॉब्लम, लड़ाई, प्यार का न मिलना, अकेलापन वगैरह हो सकती हैं।

क्या करें
उससे प्यार जताएं, लेकिन जबर्दस्ती न करें। उससे बातें करें और अपने साथ सहज होने का मौका दें।

थकान होना
महिला चाहे गृहिणी हो या प्रफेशनल, तमाम परेशानियां उनके लिए एंजॉय करने का स्कोप कम ही छोड़ती हैं। फिर रिसर्च से भी यह बात साबित हो चुकी है कि तनाव में रहने वाली महिलाओं को सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी नहीं होती। इसके अलावा, सेक्स को लेकर नर्वस होना, प्रेग्नेंसी का डर, दर्द वगैरह की वजह से भी वे सेक्स से दूर रहती हैं।

क्या करें
उनके साथ प्यार से पेश आएं और उनके लिए कुछ स्पेशल करें। फोर प्ले पर ध्यान दें। सेंसुअल मसाज या हॉट वॉटर बाथ जादू की तरह काम करेंगे।

कमी का अहसास
उसे लाइट में कपड़े उतारने में दिक्कत होती है और सेक्स के तुरंत बाद कपड़े पहनने की जल्दी। ऐसा तभी हो सकता है, जब वह अपनी बॉडी को लेकर सहज न हों। अचानक वजन का बढ़ना, स्ट्रेच मार्क्स, दाग या पार्टनर के कॉमेंट्स उनमें हीन भावना जगा सकते हैं।

क्या करें
उनके साथ जिम में टाइम बिताएं। उन्हें ताई ची क्लास जॉइन करने के लिए प्रोत्साहित करें। वर्कआउट करने से उनकी बॉडी टोन होगी और सेक्स ड्राइव भी बढ़ेगी। उन्हें किसी हीरोइन या मॉडल की तरह बनने को न कहें। उन्हें बताएं कि साइज जीरो न होने के बावजूद वह आपको खूबसूरत लगती हैं।

डाइट का रोल
सेक्स ड्राइव बढ़ाने में खाने का भी अहम रोल है। 25 साल की एक लड़की ने शादी से पहले वजन घटाने के लिए खूब डाइटिंग की। शादी तक वह स्लिम तो हो गई, लेकिन शादी के बाद सेक्स में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। कुछ फूड आइटम्स स्टैमिना बढ़ाकर, बॉडी टोन करके और त्वचा को ग्लो देकर सेक्स ड्राइव बढ़ाते हैं। जबकि जंक फूड, कैफीन, हैवी खाना वगैरह इस चीज को कम करते हैं।

क्या करें
ध्यान रखें कि आपकी पार्टनर चॉकलेट, ओटमील, वॉलनट जैसी चीजें खूब खाएं। दरअसल, ये मूड लिफ्टर्स होती हैं। साथ ही, आलू के चिप्स की जगह उन्हें सलाद दें और कोला की जगह पानी।

दवाइयों पर दें ध्यान
घबराहट, तनाव, डिप्रेशन को दूर करने के लिए ली जाने वाली दवाइयां भी महिलाओं की सेक्स में दिलचस्पी कम करती हैं। बर्थ कंट्रोल पिल्स महिलाओं की ऑव्यूलेशन साइकल में बदलाव लाती है और इस वजह से भी फिजिकल इंटीमेसी में उनकी इच्छा पर असर डालती है।

क्या करें
अगर किसी खास दवाई के लेने से आपकी पार्टनर की सेक्स ड्राइव प्रभावित हो रही है, तो इस मामले में डॉक्टर की सलाह लें।

कुछ दोष कल्चर का भी
हमारी सोसाइटी में सेक्स को लेकर लड़कियों को कभी खुलने नहीं दिया जाता। ऐसे में उनके मन में सेक्स को लेकर तमाम सवाल व दुविधाएं रहती हैं, जिससे कई बार शादी के लंबे अर्से बाद तक वे अपने हसबैंड के साथ सहज नहीं हो पातीं।

क्या करें
पार्टनर को काउंसलिंग दिलवाएं। मैरिज काउंसलिंग, कपल स्टिमुलेशन, सेल्फ हेल्प गाइड्स वगैरह आपकी मदद कर सकते हैं। फोर प्ले पर ध्यान दें।

200 दोस्तों के साथ हुई हमबिस्तर

पसंद है पॉर्न
केट हडसन ने स्वीकार किया है कि उन्हें हार्डकोर पॉर्न देखना काफी अच्छा लगता है। गौरतलब है कि केट का उन
केट हडसन को पसंद है हार्डकोर पॉर्न।
के पति रॉकर क्रिस रॉबिनसन से तलाक हो चुका है। एक अखबार से हुई बातचीत में अपने खास अंदाज में केट ने कहा है कि अब वह अपनी रातें अक्सर ही एक्स रेटेड फिल्मों के साथ बिताती हैं।

सेक्स के लिए दोस्ती
ब्रिटेन में एक महिला 200 ऑनलाइन दोस्तों के साथ हमबिस्तर हो चुकी है। लुईस ग्रांट अंजान लोगों से दोस्ती करने और सेक्स संबंध बनाने के लिए वेब सर्फिन्ग करती है। 25 वर्षीय इस महिला ने 200 ऑनलाइन दोस्तों से शारीरिक संबंध बनाए हैं।


गिफ्ट में मिले डैडी
अमेरिका के गैबरिएल को छठे जन्मदिन का ऐसा तोहफा मिला कि उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल उसके जन्मदिन पर उसकी मां ने एक बड़ा सा तोहफा दिया। जब तोहफे का रैपर खोला गया तो उसमें से गैबरिएल के पिता बाहर आए जो इराक में तैनात हैं।

Friday, May 22, 2009

एनर्जी सेविंग बल्ब घोल रहे हैं जिंदगी में जहर

लंदन ।। पृथ्वी के वायुमंडल पर से कार्बन डाई ऑक्साइड के बोझ को कम करने के लिए ब्रिटेन में तो 2012 तक एनर्जी सेविंग बल्बों का इस्तेमाल

जरूरी होगा पर चीन को इसके लिए अभी से बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। इन बल्बों को जिन फैक्ट्रियों में तैयार किया जा रहा है, वहां मर्करी का इस्तेमाल होता है। इस कारण हजारों वर्कर जहर की चपेट में आ चुके हैं। असल में एनर्जी सेविंग बल्ब माने जाने वाले फ्लूरोसेंट लाइट बल्ब में मर्करी का इस्तेमाल होता है।

यूरोपीय यूनियन के निर्देश के मुताबिक, तीन साल के भीतर इन बल्बों का इस्तेमाल जरूरी कर दिया जाएगा। इसलिए विदेश में बल्ब की डिमांड बढ़ने के कारण मर्करी की खदानें भी दोबारा खोल दी गई हैं जबकि यह भी कड़वा सच है कि इन्हीं खदानों के कारण चीन के कई दूरस्थ और खूबसूरत हिस्सों का एनवायरनमेंट बर्बाद हो चुका है।

पब्लिक हेल्थ को खतरा जान चीन के कई डॉक्टर, रेगुलेटर इकाइयां, वकील और अदालतें भी अब इसे लेकर अलर्ट हो गए हैं। यह अजीब विसंगति ही है कि जिस चीज को पृथ्वी का संरक्षक बताकर प्रमोट किया जा रहा है, वह मर्करी जैसे जहरीले पदार्थ से बनती है।

इन बल्बों को बनाते समय मजदूरों को मर्करी ठोस या दृव्य रूप में हाथ में लेना होता है। इसके बाद इसकी थोड़ी सी मात्रा हर बल्ब में डालनी होती है ताकि यह केमिकल रिऐक्शन के जरिए रोशनी पैदा कर सके। गौरतलब है कि मर्करी को दुनियाभर में स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा माना जाता है। अगर यह शरीर में चला जाता है तो इससे नर्वस सिस्टम, लंग्स और किडनी डैमेज होने का खतरा रहता है। इतना ही नहीं इससे गर्भ में पल रहे भ्रूण या नवजात बच्चे को भी खतरा रहता है।

चीन में जिन फैक्ट्रियों में ये बल्ब बनाए जा रहे हैं, वहां के कर्मचारियों के शरीर में मर्करी की मौजूदगी खतरनाक स्तर पर देखी गई है। फोशान और गुआंगझाऊ शहर इसका प्रमुख उदाहरण हैं।

नीतू का हॉट शूट

बॉलिवुड में अपना मुकाम तलाश रहीं नीतू चंद्रा का हॉट फोटो शूट पिछले दिनों कैंसल हो गया। नीतू इसकी वजह जहां वहां इकट्ठी हुई भीड़ को बताती हैं।

वहीं कहा यह भी जा रहा है कि होटल मैनिजमंट ने मेहमानों की शिकायत के चलते शूट कैंसल करने को कहा। दरअसल , नीतू एक मैगजीन के लिए इस शूट को करवा रही थीं और इसके लिए उन्होंने बिकनी पहनी थी। लेकिन जब वहां भीड़ जमा होने लगी , तो शूट को बीच में बंद करना पड़ा। तीन घंटे के इंतजार के बाद भी जब लोग वहां से नहीं हटे , तो नीतू वहां से चली गईं।





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धूप से चार्ज होने वाला मोबाइल


आखिरकार वो टेक्नोलॉजी आ गई जो आपको मोबाइल फोन चार्ज करने की मुसीबत से छुटकारा दिला देगी। जापान की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी शार्प ने एक ऐसा मोबाइल फोन आज यानी 19 मई को जापानी बाजार में उतारा जो धूप से चार्ज होता है।

सोलर पावर से चार्ज होने वाले इस फोन का नाम है मिरुमो। इस फोन को अगर आप धूप में 10 मिनट चार्ज करते हैं तो आप इससे एक मिनट कॉल कर सकते हैं।

ये एक हाइब्रिड पावर फोन है। यानी इसमें बिजली से चार्ज होने का भी ऑप्शन होगा। ये वैसी हालत में काम आएगा, जब फोन डिस्चार्ज हो जाए और कोई कॉल करनी हो। बस थोड़ी देर धूप में फोन को रखिए और कॉल कीजिए।

सोलर हाइब्रिड फोन की दूसरी खास बात है इसका बेहतरीन कैमरा। इसमें 8 मेगापिक्सेल का कैमरा है। इसके अलावा कई और तरह के फोन भी लॉन्च किए गए हैं। इसमें एक फोन वाटर प्रूफ है तो दूसरा 10 मेगापिक्सेल कैमरे से लैस।

Thursday, May 21, 2009

ग्रहों के भी दर्शन करेंगे मानसरोवर यात्री

नैनीताल [रमेश चन्द्रा]। कैलास मानसरोवर यात्रियों को इस बार आकाश गंगा के अलावा ग्रहों के दर्शन के साथ खगोलीय घटनाओं से भी रूबरू कराया जाएगा। अंतरिक्ष संस्था कास्मो सफारी दूरबीन के माध्यम से अंतरिक्ष के दर्शन कराएगी।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक कुर्वे ने बताया कि ब्रह्मांड के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि के चलते यह व्यवस्था की गई है। इसके लिए कास्मो सफारी द्वारा यात्रा मार्ग पर बागेश्वर व धारचूला में दूरबीनें लगाई गई है। अंतरिक्ष दर्शन के लिए यह दोनों स्थान बेहद उपयुक्त है। कास्मो सफारी के एस्ट्रोनामर संदीप निगम ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय खगोल वर्ष होने के चलते मानसरोवर यात्रियों के लिए अंतरिक्ष दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है।

इसके तहत पहली बार थ्रीडी स्पेस फिल्म शो का आयोजन किया जा रहा है। फिल्म के जरिए दर्शकों को अंतरिक्ष की रोचकता का ज्ञान हो सकेगा। इसके अलावा दूरबीन के जरिए ग्रहों को देखा जा सकेगा और उनके बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त नेब्यूला, तारा मंडल, चन्द्रमा को दूरबीन के जरिए देखा जा सकेगा।

निगम ने बताया कि खगोल दर्शन के लिए दो चरणों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा इस मार्ग से आदि कैलास, पिंडारी ग्लेशियर जाने वाले यात्री भी इसका लुत्फ उठा सकेंगे। उन्होंने बताया अंतरिक्ष के बारे में यात्रियों को विशेष जानकारी देने के लिए अहमदाबाद, महाराष्ट्र व कर्नाटक के खगोल वैज्ञानिक पहुंचेंगे। खगोल के कई अनसुलझे सवालों को जानने के लिए भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होगा। ज्योतिष विज्ञान को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

Tuesday, May 12, 2009

लव लाइफ में 'जस्ट चिल'!

आज की भागदौड़ और टेंशन

से
भरी जिंदगी में बहुत से लोगों की लव लाइफ वीरान हो गई है। बेड पर जाने के ख्याल से ही उन्हें नींद आने लगती है। ऐसे ही लोगों की जिंदगी को खुशियों से आबाद करने के लिए हम एक्सपर्ट्स की सलाह से उन्हें खास टिप्स दे रहे हैं।

साइकॉलजिस्ट डॉ . पेट्रा बॉयनटन यूनिवर्सिटी कॉलिज , लंदन में लेक्चरर और सेक्स रिर्सचर हैं। उन्हें एजुकेशन की फील्ड में अचीवमंट्स के लिए अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। उनका कहना है , ' लव रिलेशनशिप का कनेक्शन दिमाग से होता है। अगर आपके ब्रेन में प्यार की तरंगें उठ रही हैं तो आप पार्टनर को पूरी तरह खुश कर सकते हैं। सच तो यह है कि प्यार में इंसान के रोम - रोम से संगीत निकलता है।

कुछ महिलाओं को लगता है कि वह अपनी फिजिकल अपीयरेंस से किसी पुरुष को अपनी ओर अट्रैक्ट नहीं कर सकतीं। ऐसी महिलाओं को सेल्फ कॉन्फिडेंस डिवेलप करने की जरूरत होती है।वह डांस या ड्रामा की क्लासेज जॉइन करके या एक्सरसाइज कर अपनी बॉडी को फिट और एनर्जी से भरपूर रख सकती हैं। बहुत सी लेडीज इतनी शर्मीली होती हैं कि अपने पार्टनर तक को मन की बात नहीं बता पातीं।

टेक योर टाइम

सारा नसीरजादेह अवॉर्ड विनिंग साइको थेरपिस्ट है और वह जिंदगी से हैरान - परेशान कपल्स की कांउसिलिंग से काफी मदद भी करते हैं।
टेंशन कैसी ?

फिजिकल रिलेशनशिप में सिर्फ प्यार के समंदर में डूबने की बात ही जेहन में रहनी चाहिए। इस समय दुनियादारी की किसी बात की कोई टेंशन नहीं रहनी चाहिए। पार्टनर की आलोचना और कमियों को बिल्कुल नजरअंदाज करना चाहिए। प्यार का सिर्फ एक ही मतलब नहीं होता। दरअसल यह समय पार्टनर की कंपनी को पूरी तरह एंजॉय करने का होता है।

नो टु अल्कोहल

अगर आप सोचते हैं कि अल्कोहल लेने से इस खास टाइम में ज्यादा मजा आएगा तो आप गलत हैं , बल्कि जरूरत से ज्यादा शराब पीने और धुआंधार सिगरेट फूंकने से आपकी परफॉर्मेंस पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। अल्कोहल और सिगरेट से नर्वस सिस्टम और ब्लड सर्कुलेशन पर भी बुरा असर पड़ता है।

हार्ट रेसिंग

पाउला हिल रिलेशनशिप साइकोथेरपिस्ट हैं। उनका कहना है कि फिजिकल रिलेशन बनाने से पहले अगर आप थके हुए या तनाव में हैं तो कोई एक्शन मूवी देख सकते हैं। पिलो फाइट कर सकते हैं या कॉफी की सिप लेने से भी आप खुद में नया जोश और ताजगी महसूस करेंगे। कई कपल्स बहुत ज्यादा थके होने के चलते फिजिकल रिलेशनशिप में इनवॉल्व नहीं हो पाते। आप चाहें तो एक कागज पर अपनी और पार्टनर की फीलिंग्स लिख सकते हैं। आप चाहें तो समय - समय पर एक्सपेरिमंट कर सकते हैं।

सेल्फ कॉन्फिडंस

अगर आपका कभी मन न हो तो केवल अपने पार्टनर की खुशी की खातिर रिलेशनशिप में इनवॉल्व होकर देखिए। इससे आपका जोश और आत्मविश्वास दुगुना हो जाएगा।

चाइल्ड बर्थ

रशेल फॉक्स रिलेशनशिप काउंसिलर हैं। उनका कहना है , ' बच्चे के जन्म के बाद कपल्स की लव लाइफ में नया जोश और तरंग आती है। चाइल्ड बर्थ के बाद नर्वस सिस्टम ज्यादा सेंसेटिव हो जाता है। इससे कपल्स इमोशनली एक दूसरे के ज्यादा नजदीक आते हैं। इस दौरान आप चाहें तो अपना फेवरिट किरदार भी निभा सकते हैं। इससे लव लाइफ में चटपटा तड़का तो लगेगा ही।

रोल प्ले

पार्टनर के साथ आप खाली समय में कोई गेम भी खेल सकते हैं। यकीनन इस तरह का रोल निभाना चैलेंज होगा , लेकिन इससे सेल्फ एस्टीम भी बूस्ट अप होगी। पार्टनर से खुलकर बातें कीजिए , लेकिन बच्चों के बारे में नहीं।

गेट टॉकिंग

पार्टनर के साथ कम्यूनिकेशन की सभी लाइंस खोल दीजिए , फिर देखिए आपकी लाइफ में कैसे नई ताजगी आती है। अगर आप महसूस करते हैं कि आपकी बात पार्टनर नहीं सुनता तो लाइफ में कड़वाहट घुल सकती है। किसी तरह की टेंशन , चिंता , डर और इन सिक्यूरिटी को अपने पर हावी नहीं होने देना चाहिए।

धीरे - धीरे आगे बढि़ए

डॉ . कैथरीन हुड ने साइको सेक्सुएल हेल्थ में स्पेशलाइजेशन किया है। उनका कहना है कि प्यार में धीरे - धीरे आगे बढ़ना चाहिए। कभी जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए। अगर स्पेशल टाइम में आपके सपनों में पार्टनर के अलावा कोई और भी है तो भी कोई हर्ज नहीं है। लाइफ में रोमैंस को जीवित रखना बहुत जरूरी है। जो कपल्स तरह - तरह के नुस्खे आजमाकर रोमांस को जिंदगी का पार्ट बनाए रखते हैं। वह ज्यादा खुश रहते हैं। इससे उन्हें गजब की एनर्जी तो मिलती ही है।

झूमती डांसर...

झूमती डांसर... लॉस ऐंजलस में लैटिन कल्चर काफी लोकप्रिय है। 5 मई को मेक्सिको में रीज़नल हॉलिडे का होता है और इस अवसर पर रिंग में मास्क रेसलिंग के साथ-साथ बरलेस्क डांस का एक अनोखा कॉम्बिनेशन भी नज़र आता है।
इसी जश्न के दौरान रिंग में नज़र आई ट्रडिशनल सूट को उतारकर झूमती बरलेस्क डांसर।(


पहन लिया झंडा लॉस ऐंजलस में फेमस बरलेस्क (अर्धनग्न) डांसर ने ट्रडिशनल मरयाची म्युज़िशन सूट के बदले स्ट्रिप्स में लगा यह मेक्सिकन झंडा ही पहन लिया, जिन्हें देखने के लिए वहां मौजूद लोग पागल हुए जा रहे थे।


शोख अदाएं... एक तरफ मास्क रेसलिंग का जुनून और दूसरी तरफ ऐसी शोख अदाओं का नज़ारा तो आप समझ ही सकते हैं कि कितना इक्साइटमंट भरा वह माहौल होगा। भला रेसलर्स अब क्या करे?


कोई ब्यूटी कॉन्टेस्ट नहीं हालांकि रेसलिंग के सितारे इस डांस कॉम्बिनेशन को सही नहीं मानते। एक रेसलर ने तो यहां तक कह डाला कि उन्हें रिंग में इस तरह के डांस से काफी दुख है। यह रेसलिंग है, कोई ब्यूटी कॉन्टेस्ट नहीं।


ऑफ स्टेज... आइए देखें ज़रा कि यहां का ऑफ स्टेज क्या सीन होता है। चाहे वे बरलेस्क डांसर ही क्यों न हों, स्टेज पर परफ़ॉर्मन्स के लिए पहुंचने से पहले बस समझ लीजिए कि ऑफ स्टेज भी इनके बीच एक तरह से रेसलिंग ही होती है


स्टेज पर जाने से पहले यह खूबसूरत बरलेस्क डांसर स्टेज पर जाने की तैयारी कर रही हैं, जहां उन्हें परफॉर्म करना है दर्शकों के अलावा किसी भारी भरकम मास्क रेसलिंग मैन के सामने भी।


अंदाज और अदा... यह हैं तो बरलेस्क डांसर, पर क्या आप इन्हें देखकर कह सकते हैं कि यह मेल डांसर हैं? चाहे जो हो, अंदाज़ और अदाओं में कोई कमी नहीं रखने की कोशिश में इन्होंने खुद के लिए काफी मेहनत की है।


वाइल्ड अदा... बरलेस्क डांसर को आप किसी आम डांसर की तरह न समझें। संभव है कि रेसलिंग के मैदान में रेसलर्स को देखते-देखते इनकी अदाएं भी थोड़ी वाइल्ड सी हो जाती हैं

सेक्स चिप का जमाना

सेक्स चिप का जमाना वायग्रा बीते दिनों की बात हो चुकी है, अब जमाना बढ़ रहा है सेक्स चिप की ओर। सेक्स चिप के बारे में आ रहीं रिपोर्ट्स की मानें तो वैज्ञानिक इन दिनों एक ऐसे डिवाइस पर काम कर रहे हैं जिसे दिमाग में फिट किया जा सकेगा और इससे सेक्स का आनंद कई गुना बढ़ जाएगा।


कुछ साल पहले इस तरह का डिवाइस एक महिला के ब्रेन में फिट कर दिया गया था। यह महिला सेक्स को लेकर अधिक उत्साहित नही रहती थी, मगर इस चिप के इंप्लांट के बाद उसकी सेक्स रिलेटेड इच्छाएं तेजी से बढ़ गईं। यह बात और है कि बाद में इस चिप को निकाल दिया गया, क्योंकि वह अपने इस नए रुप के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पा रही थीं।


ऑक्सफर्ड में जॉन रेडक्लिफ हॉस्पिटल के प्रोफेसर टीपू अजीज ने कहा, दरअसल यह चिप बनाने का आइडिया वैज्ञानिकों को उस समय आया जब वे डीप ब्रेन स्टिम्यूलेशन प्रोसेस की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। इस काम के लिए वे इलेक्ट्रो रॉड्स का यूज कर रहे थे जो कि पार्किन्सन के इलाज में यूज होती है। वैज्ञानिक दिमाग के जिस हिस्से पर काम कर रहे हैं वह है orbitofrontal cortex यह एरिया सेक्स और खाने से मिलने वाले सुख का मूल आधार है। यह एरिया आंखों के बिल्कुल पीछे होता है।


ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के साइकाइट्रिस्ट डिपार्टमंट के मॉर्टन क्रिंगेलबाक ने सेक्स जीवन से निराश लोगों पर सर्वे किया। यह बात सामने आई है कि दिमाग orbitofrontal cortex काम करके उन्हें काफी हद तक सेक्स के लिए प्रेरित किया जा सकता है।


अजीज का कहना है कि सेक्स चिप 10 सालों के भीतर एक सचाई बन सकती है। उनका कहना है कि इस चिप की सफलता के सबूत भी हैं। उनका कहना है कि यह तकनीक वायरलेस होगी और सेल्फ पावर्ड ब्रेन चिप्स के सहारे चलेगी। (Getty) नोट: यह जानकारी Nature Reviews Neuroscience नामक जरनल में छपी है।

क्या खूब है बॉडी आर्ट

क्या खूब है बॉडी आर्ट कीएफ में मौका था 13वीं यूक्रेनियन ओपन चैंपियनशिप, 'ब्यूटी सलून 2009' का, जिसके अंतर्गत खासकर बॉडीआर्ड, मेकअप, हेयर ड्रेसिंग और नेल डिज़ाइन आदि आते हैं। इसी चैंपियनशिप की तैयारी में एक मॉडल को कुछ इस तरह से सजाया गया, जिसके पेट पर बनाई जा रही है एक खूबसूरत आंख।


कुछ अनोखा कीएफ में इस खास मौके पर लोगों की भीड़ जुटी होती है, क्योंकि यहां उन्हें कुछ न कुछ अनोखा देखने को मिलता है।


स्पाइडर वुमन कीएफ में 'ब्यूटी सलून 2009' शो के लिए एक स्पाइडर वुमन की तरह मॉडल के शरीर को काफी खूबसूरती से पेन्ट कर तैयार किया गया था।


नज़रें थम गईं इस बॉडी आर्ट कॉन्टेस्ट में लोगों के लिए यह मॉडल खास आकर्षण का केन्द्र बनी।


देखते ही रह गए काफी मेहनत से तैयार इस बॉडी आर्ट को जब रैंप पर दर्शकों के बीच लेकर पहुंची यह मॉडल तो लोग बस उन्हें देखते ही रह गए।

सेक्स के 10 फायदे

सेक्स के 10 फायदे सेक्स ऐसा टॉपिक है जिससे हर कोई अपने आप ही जुड़ जाता है और ज्यादातर लोग जताना भी नहीं चाहते हैं। सेक्स को लेकर कई गलतफहमियां भी मौजूद हैं। लेकिन असल में सेक्स हर लिहाज से फायदेमंद ही साबित होता है। सेक्स से हेल्थ पर काफी असर पड़ता है। देखते हैं कि सेक्स करने के 10 फायदे क्या हैं:-

1. नजदीकियां बढ़ाता है सेक्स पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी और नॉर्थ कैरोलाइना यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के मुताबिक सेक्स से ऑक्सिटॉसिन हॉर्मोन्स का लेवल बढ़ता है। इस हॉर्मोन से आपसी संबंधों में मजबूती आती है और विश्वास बढ़ता है। इस हॉर्मोन के इस नेचर की वजह से इस ‘ लव हॉर्मोन ’ भी कहा जाता है। ऑक्सिटॉसिन हॉर्मोन से कपल्स में एक दूसरे के प्रति उदारता की भावना भी बढ़ती है।

2. तनाव घटाता है सेक्स स्कॉटलैंड के रिसर्चर्स के मुताबिक सेक्स से हेल्थ को सबसे बड़ा फायदा है। इससे एक तो ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है और दूसरे तनाव में कमी आती है। 24 महिलाओं और 22 पुरुषों पर की गई स्टडी में पाया गया कि जो लोग रेगुलर सेक्स करते रहे तनाव के प्रति उनका रिस्पॉन्स बेहतर रहा। एक दूसरी स्टडी के मुताबिक सेक्स करते रहने से ब्लड प्रेशर को काबू करने में सहायता मिलती है।

3. इम्यून सिस्टम मजबूत करता है सेक्स बेहतर सेक्स हेल्थ का सीधा असर फिजिकल हेल्थ पर पड़ता है। विल्किस यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट्स के मुताबिक हफ्ते में एक या दो बार सेक्स करने से इम्यूनोग्लॉबिन नाम के एंटीबॉडी में बढ़ोतरी होती है। 112 स्टूडंट्स पर किए गए रिसर्च से पता चला कि इस एंटीबॉडी से सर्दी जैसे इन्फेक्शन को रोकने में मदद मिलती है।

4. दिल को मजबूत करता है सेक्स एक पुराना भ्रम है कि सेक्स करने से ज्यादा उम्र के लोगों को हार्ट अटैक का खतरा होता है। लेकिन इंग्लैंड के रिसर्चर्स के मुताबिक यह सिर्फ भ्रम ही है इसमें कोई सच्चाई नहीं है। एपिडिमियॉलजी ऐंड कम्यूनिटी हेल्थ के जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 914 पुरुषों में किए गए रिसर्च से पता चला कि सेक्स के दौरान उन्हें आए हार्ट अटैक का उससे कोई लेना देना नहीं है।

5. सेक्स से बढ़ता है आत्मसम्मान
टैक्सस यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के मुताबिक सेक्स करने के आत्मसम्मान में बढ़ोतरी होती है। कैंब्रिज में सेक्स थेरेपिस्ट जीना ऑगदेन का कहती हैं , ‘ बेहतर सेक्स आत्मसम्मान से शुरू होता है और यह आत्मसम्मान को बढ़ाता भी है। ‘ उनके मुताबिक जिनके अंदर आत्मसम्मान पहले से ही होता है उन्हें सेक्स के बाद अलग किस्म की खुशी महसूस होती है। काफी लोग ऐसे हैं जो अच्छा महसूस करने के लिए सेक्स करते हैं।


6. मोटापा घटाता है सेक्स सेक्स से मोटापा घटाने में भी मदद मिलती है। आधे घंटे के सेक्स से 85 कैलरीज़ बर्न होती हैं। हालांकि 85 कैलरीज़ ज्यादा नजर नहीं आती हैं। लेकिन सोचिए आधे घंटे के 42 सेशन के बाद 3570 कैलरीज़ बर्न होंगी , इतनी कैलरीज़ के बर्न होने से एक पाउंड वजन कम हो जाएगा। अमेरिकन असोसिएशन ऑफ सेक्शुएलिटी एजुकेटर्स ऐंड थेरेपिस्ट्स के प्रेजिडंट पैटी ब्रिटन के मुताबिक सेक्स से शारीरिक सेहत और मानसिक सेहत दोनों को फायदा होता है।

7. दर्द घटाता है सेक्स एक बार ऑक्सिटॉसिन हॉर्मोन घटना शुरू होता है तो एंड्रोफिन हॉर्मोन में बढ़ोतरी होती है जिससे दर्द में कमी आती है। इसलिए अगर सेक्स के बाद आपको आपके सिरदर्द में कमी आए या ऑर्थराइटिस का दर्द छूमंतर हो जाए तो चौंकिएगा नहीं। यह सब सेक्स की वजह से है।

8. प्रॉस्टेट कैंसर का खतरा कम करता है सेक्स एक यूरॉलजी इंटरनैशनल के ब्रिटिश जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक सेक्स से पुरुषों में प्रॉस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है। रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग 30 साल से कम उम्र के हैं , सेक्स से उनमें भविष्य में प्रॉस्टेट कैंसर का खतरा कम हो जाता है। जबकि 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में रेगुलर सेक्स से प्रॉस्टेट कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

9. सेक्स से पेल्विक फ्लोर मसल्स मजबूत होती हैं महिलाओं में अकसर कमर के आसपास के एरिया में दर्द की शिकायत देखी जाती है। इसकी वजह पेल्विक फ्लोर मसल्स का कमजोर होना है। इन मसल्स को मजबूत करने के लिए महिलाएं ‘ कीगल ’ एकसरसाइज़ करती हैं जिससे यह एरिया मजबूत होता है। सेक्स से भी ठीक यही अनुभूति होती है जो कीगल एक्सरसाइज से होती है। और महिलाओं को काफी आराम मिलता है।

10. सेक्स से बेहतर होती है नींद एक रिसर्च के मुताबिक सेक्स से बेहतर नींद आती है। दरअसल सेक्स के बाद रिलीज हुए ऑक्सिटॉसिन से एक फायदा यह भी है। और अच्छी नींद से बाकी चीजें भी बेहतर हो जाती हैं। बेहतर नींद से वजन और ब्लड प्रेशर मेनटेन करने में मदद मिलती है।

10 लव गेम्स

10 लव गेम्स प्यार भरे रिश्ते में कॉम्पिटिशन जैसा शब्द अच्छा नहीं लगता, क्योंकि इससे रिश्ते में खटास आ जाती है। पर हम जिस कॉम्पिटिशन की बात कर रहे हैं, वह आपके रिश्ते को रोमैंटिक और नमकीन बना सकता है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि सेक्सी या रोमैंटिक गेम जैसी कोई चीज़ होती है, तो आप गलत हैं। लेकिन आप अपने रुटीन से ही ऐसे छोटे-मोटे मौके चुराकर उन्हें रोमैंटिक गेम्स में बदल सकते हैं। आपको ज्यादा दिमाग लगाने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आगे हम ऐसे ही कुछ गेम्स के बारे में बता रहे हैं जो आपकी ड्राई लाइफ को रोमैंटिक बना सकता है। इन गेम्स के लिए जो सबसे बड़ी शर्त है, वह यह है कि आप मौके को कभी हाथ से जाने न दें।

२ आपने ऐसा गेम स्कूल के दिनों में ज़रूर खेला होगा, जिसमें किसी अक्षर से शहर का नाम और फिर उस शहर के नाम के अंतिम अक्षर से दूसरे खिलाड़ी को शहर का नाम ढूंढना पड़ता था। यह गेम है तो वही, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां शहर के नाम के बदले दोनों पार्टनर को एक-दूसरे के बॉडी पार्ट का नाम लेना होगा और अपने पार्टनर के उस बॉडी पार्ट को किस करने का मौका भी मिलेगा। अगर उस अक्षर से शरीर का कोई अंग नहीं हो, तो खुद से एक क्रिएटिव नाम दे सकते हैं। पर, आप अपने टर्न को पूरा ज़रूर करें, क्योंकि जो नाम नहीं ढूंढ पाएगा उसे सामने वाले को किस करने के बेहतरीन मौके से हाथ धोना पड़ेगा। वैसे, कहा जा सकता है कि एक की हार ही दूसरे की जीत होगी। तो, इंतज़ार किस बात का और गेम से शेम कैसा?

३ बास्किट बॉल! हम यहां नॉर्मल बास्किट बॉल की ही बात कर रहे हैं, पर ज़रा रोमैंटिक अंदाज़ के साथ। कैसे? खेल का तरीका कुछ ऐसा है। जैसे-जैसे खेल के दौरान एक का स्कोर बढ़ता जाएगा, दूसरे पार्टनर को अपने शरीर पर से एक-एक कर कपड़े उतारने होंगे। यकीनन यह गेम आपके बीच प्यार को और बढ़ा देगा। अब समझे कि लास्ट विनिंग शॉट कितना मज़ेदार साबित हो सकता है? शर्त- खेलते वक्त आपके कपड़े कुछ ऐसे हों, जिससे शरीर सिर से लेकर पैर तक ढका हो। कपड़ों की संख्या जितनी ज्यादा होगी, सेक्सुअल ऐक्साइटमंट भी उतना ही अधिक होगी। इस गेम को और ज्यादा मज़ेदार बनाना चाहते हैं तो बस इतनी सी शर्त रखें कि हारने वाले को वह सब करना होगा, जो जीतने वाला डिमांड करेगा।

४ यह है 'हाइड एंड सीक' गेम, पर इसे ज़रा और सेक्सी बना दें, तो खेलने के नियम कुछ ऐसे होंगे- अगर आपका पार्टनर आपको ढूंढ ले, तो वह 10 मिनट आपके साथ जैसे चाहे वैसे बिता सकता है और अगर वह हार जाता है तो वही नियम आपके लिए भी लागू होता है। वैसे इस खेल में आप कपड़ों के लिए अपनी शर्त रखकर इसे और भी मज़ेदार बना सकते हैं।

५ इस गेम में दोनों पार्टनर को एक-दूसरे के पेशंस को टेस्ट करने का मौका मिलेगा। आपमें से एक ऐक्टिव और दूसरा पेसिव पार्टनर होगा। जो पेसिव पार्टनर होगा, यानी जिन्हें अपने पेशंस का टेस्ट देना है उसे लेटना होगा और ऐक्टिव पार्टर उसके साथ जो चाहे कर सकता है। आपके ऐक्टिव होने का मतलब यह है कि आप ऐसा करें, जिससे आपके पार्टनर को रिस्पॉन्स करना ही पड़े। पर पेसिव पार्टनर को खुद पर कंट्रोल रखना होगा, क्योंकि अगर उन्होंने रिऐक्ट या ज़रा भी मूव किया तो सामने वाले की जीत होगी। इसे ज़रा और मज़ेदार बनाने के लिए ऐक्टिव पार्टनर को किसी भी हद तक जाने की छूट होगी, ताकि पेसिव पार्टनर को ऐक्साइट किया जा सके। इस गेम की सबसे अच्छी बात यह है कि आपको अपने पार्टनर के बारे में उनके सेंसिटिव बॉडी पार्ट्स और सेंसुअल रिस्पॉन्स के बारे में बहुत सारी बातें पता लग जाएगी।

६ इस खेल में एक पार्टनर को अपने आंखों पर पट्टी बांधनी पड़ेगी। जिसके आंख पर पट्टी नहीं हो, उसे अपने शरीर के अंगों में बेरी या स्ट्रॉबेरी जैसे फल छिपाने होंगे और दूसरे पार्टनर को उन छिपे फलों को ढूंढना होगा और वह भी बिना हाथ के इस्तेमाल से। अब ढूंढने वाले खिलाड़ी की उतनी इच्छाएं पूरी होगी, जितने फल उसने ढूंढ निकाले हैं। शर्त यह है कि ढूंढने वाले को अपने हाथ के बजाय केवल मुंह का इस्तेमाल करना होगा और जीतने वाले को अपनी हर रोमैंटिक इच्छाओं को पूरा करने का एक शानदार मौका। वैसे आप चाहें तो इस गेम को और अधिक मज़ेदार और रसदार बना सकते हैं। कैसे? अरे, उस फल को दोनों मिलकर खाएं।

७ कौन कहता है कि बलून से सिर्फ बच्चे खेलते हैं? जी हां, इससे बड़े भी खेल सकते हैं। बड़ा आसान है, कम से कम 10 या इससे भी अधिक बलून फुला लें और इसे बेड पर फैला लें। अब दोनों पार्टनर के बीच गले लगना, किस करने जैसी शर्त हो, पर इसके साथ यह भी ज़रूरी होगा कि इस कोशिश में वह बलून फूट जाए। जिसकी कोशिश से बलून फूटेंगे, जीत उनकी ही होगी और फिर आगे की शर्त भी उनकी ही होगी। इस खेल का खास नियम यह है कि कोई भी अकेले उस गुब्बारे पर चढ़कर उसे फोड़ने की कोशिश नहीं कर सकता है। उसे आपको दोनों के बॉडी के बीच लाकर ही फोड़ना होगा और गेम जीतना होगा। तो क्या आप तैयार हैं?

८ कार्ड गेम और रोमैंस, समझ नहीं आ रहा न? चलिए बताते हैं कि यह खेल आपको कैसे खेलना है। प्ले कार्ड्स उठाएं, उसे अच्छी तरह मिलाकर आधा-आधा बांट लें। अब उसमें से कार्ड्स निकालने शुरू करें। शर्त यह है कि अगर आपके पास नंबर कार्डस हो तो, आपको अपने पार्टनर के किसी भी बॉडी पार्ट को किस करने का अनोखा मौका मिलेगा। अगर आपका अगला कार्ड किंग या क्वीन हो, तो आपको अपने पार्टनर की ओर से 15 मिनट के लिए सेंसुअल बॉडी मसाज मिलेगा। अगर आपके पास वाइल्ड कार्ड है, तो आपको अपने पार्टनर से अपने लिए कोई भी एक इच्छा पूरी करने का बढ़िया मौका मिल सकता है। ध्यान रहे कि अगर आपको अपने पार्टर का मसाज़ पसंद आया तो उसे किस करना न भूलें,हो सकता है यह आपके लिए जैकपॉट साबित हो।

९ अगर आप अपने पार्टनर को हर पल खुश देखना चाहते हैं तो यह गेम आपको ज़रूर पसंद आएगा। आप वैसे ही तैयार हों और वही ऐक्टिंग करें जैसे आपका पार्टनर पसंद करता है। चाहे स्कूलगर्ल को टीचर से डांट लगने का वाकिया हो या सेक्सी लाइब्रेरियन और स्टूडंट्स की कहानी, आपको ऐक्टिंग के दौरान खुद को वाइल्ड दिखाना होगा। शर्त यह है कि खेलते वक्त आप खुद को भूल जाएं और इस रोल को निभाने के लिए प्रॉप्स और प्लेस का सहारा लें, जैसे टीचर की छड़ी का या डॉक्टर के स्टेथोस्कोप का। अपने पार्टनर से उनके फेवरिट कैरेक्टर के बारे में पूछें और उसे पूरा करने में उसकी मदद करें।

१० वैसे तो किताबों में 'ट्रुथ एंड डेअर'पुरानी ट्रिक रही है। पर, आइए आपको हम 'डेअर ऐंड डेअर'गेम के बारे में बताते हैं। यह गेम खेलना चाहता हैं तो अपने पार्टनर को कुछ ऐसा करने की चुनौती दें- उसेसे कहें कि वह आपको फोन पर प्यार करे, जब वह अपने ऑफिस में हो या सेक्स को लेकर कुछ खास मूड न हो, तो उनसे कपड़े उतारने के लिए कहकर उन्हें डेअर दे सकते हैं। आपकी ये बातें इक्साइटमंट के साथ-साथ आपके पार्टनर को एक शरारती हिंट भी दे देगी कि आप किस मूड में हैं। शर्त यह है कि चुनौती देने के लिए आप अपने पार्टनर से लड़े ज़रूर और फिर चाहें चेंज़िंग रूम हो या फ्लाइओवर या फिर उनकी केबिन ही क्यों न हो, उन्हें ललकारने का कोई मौका हाथ से जाने न दें। पूरी दुनिया को अपने लिए ऐसा खेल का मैदान साबित करें, ताकि आपके पार्टनर के पास चुनौती ऐक्सेप्ट करने के अलावा और कोई रास्ता न बचे। इन लव गेम को ज़रूर अपनाएं और देखें कि आपका रिश्ता और भी इक्साइटमंट भरा और हेल्दी हो जाएगा। बेहतर रिज़ल्ट के लिए आप अपनी सोच को दूर तक ले जाएं। पर, हां अपने पार्टनर की पसंद या नापसंद का खयाल ज़रूर रखें, क्योंकि सभी एक जैसे नहीं होते।

कैसे बनाएं सेक्स को इंट्रस्टिंग

कैसे बनाएं सेक्स को इंट्रस्टिंग अगर आप रूटीन सेक्स से बोर हो गए हैं और सेक्स लाइफ को ज्यादा इंट्रस्टिंग बनाना चाहते हैं, तो आप आजमा सकते हैं कुछ अलग तरीके। ये तरीके वाइल्ड तो हैं पर इनका अहसास बिल्कुल जुदा-जुदा है और काफी मजेदार भी। आइए जानते हैं कैसे बना सकते हैं सेक्स को ज्यादा इंट्रस्टिंग...

ट्रायल रूम में करें सेक्स शॉपिंग स्टोर के ट्रायल रूम में सेक्स। यह अटपटा जरूर लग रहा है पर यहां सेक्स का अलग मजा है। ड्रेस ट्रायल करते-करते सेक्स का अहसास रूटीन सेक्स से काफी हटकर है।

कीचड़ में सेक्स मड पॉन्ड यानी कीचड़ में सेक्स। जानकारों का मानना है कि बेड पर साफ चादर पर सेक्स करने से बेहतर अहसास मड में सेक्स करने का है। कीचड़ में लिपटे अपने साथी के साथ चिपकना और उससे सेक्स करने का यह तरीका काफी वाइल्ड भी है।

पूरे कपड़े में करें सेक्स अपने साथी के कपड़ों को धीरे-धीरे खोलना और उसके बाद उसके साथ सेक्स करने का अहसास तो प्यारा लगता है, पर अपने लवर के साथ पूरे कपड़ों में सेक्स आपको ज्यादा मजा देगा।

एयर बैलून में सेक्स कल्पना कीजिए कि आप एक हजार फीट की ऊंचाई पर एयर बैलून के अंदर हैं और यहां पर आपको सेक्स का मौका मिले, तो इसका अहसास होगा न बिल्कुल जुदा-जुदा। यह सेक्स का काफी अडवेंचरस तरीका है।

आइस क्यूब के साथ करें सेक्स आइस क्यूब के साथ सेक्स बेहतर ऑप्शन है। आप दोनों बिल्कुल न्यूड हो जाएं और अपनी-अपनी बॉडी पर बर्फ के छोटे-छोटे टुकडें रख लें। जैसे -जैसे बर्फ के टुकड़े पिघलने लगें, वैसे-वैसे अपने साथी के साथ आप इन्वॉल्व होइए। देखिए आपको एक अलग अहसास मिलेगा।

कार में सेक्स भी रूटीन सेक्स से अलग हटकर है। यहां पर वातावरण बेडरूम की तुलना में बिल्कुल अलग होता है। जाहिर है मजा भी ज्यादा आता है।

आई पी एल में पीछे लेकिन ब्रैंड वैल्यू में सबसे आगे कोलकाता

इस वर्ष के आई पी एल में भले ही शाहरुख़ खान की टीम सबसे ख़राब रही हो लेकिन जहां तक टीम के ब्रैंड वैल्यू या मूल्य का सवाल है कोलकाता ने बाकी सभी टीमों को इस मामले में पीछे छोडा है.

अपने टीम के ख़राब प्रदर्शन के बाद शाहरुख़ दक्षिण अफ्रीका छोड़कर भारत वापस लौटे, उन्होंने यह भी कहा था कि जब उनकी टीम जीत का सिलसिला दोबारा शुरू करेगी तब वह दक्षिण अफ्रीका लौटेंगे. लेकिन अब ११ मुकाबलों के बाद भी कोलकाता की टीम सिर्फ एक ही मैच जीती है इसलिए शाहरुख़ खान को दक्षिण अफ्रीका लौटने के लिये शायद और इंतजार करना पड़ सकता है.

इंग्लैंड की जानी मानी फर्म पी एल सी ने आई पी एल में शामिल सभी टीमों की ब्रैंड वैल्यू निकाली है जिसमे कोलकाता ने बाजी मार ली है. हर टीम की वैल्यू उनके प्रायोजक, टीवी वितरण के हक, खिलाडियों पर खर्च किये गये पैसे इन सभी मुद्दों का विश्लेषण करने के बाद ही तय की गयी है.

कोलकाता नाईट रायडर्स की वैल्यू है ४.२१ करोड़ डॉलर तो उसके बाद नंबर आता है मुंबई इंडियंस की टीम का उनकी ब्रैंड वैल्यू है ४.१६ करोड़ डॉलर, राजस्थान रॉयल (३.९५ करोड़ डॉलर), चेन्नई सुपर किंग्ज (३.९४ करोड़ डॉलर), दिल्ली डेअरडेविल्स (३.९२ करोड़ डॉलर), रॉयल चॅलेंजर्स बेंगळूरू (३.७४ करोड़ डॉलर), किंग्ज इलेवन पंजाब (३.६३ करोड़ डॉलर) और आखरी नंबर पर है हैदराबाद डेक्कन चार्जर्स जिसकी ब्रैंड वैल्यू है ३.४८ करोड़ डॉलर...

लेकिन जहां तक पूरी टीम को इकट्ठा करने में लगे हुए पैसों का सवाल है, यानि फ्रॅचायज़ी वैल्यू, उसमें मुंबई की टीम सबसे आगे है. मुकेश अंबानी ने अपनी टीम पर ११.१९ करोड़ डॉलर खर्च किये है तो बेंगलूर के मालिक विजय मल्ल्या ने ११.१६ करोड़ डॉलर खर्चे है. डेक्कन चार्जर्स पर १०.७० करोड़ डॉलर ख़र्च हुए हैं तो सुपर किंग्ज पर ९.१० करोड़ डॉलर, दिल्ली ८.४० करोड़ डॉलर, पंजाब ७.६० करोड़ डॉलर, कोलकत्ता ७.५१ करोड़ डॉलर और सबसे कम राजस्थान ६.७० करोड़ डॉलर.

पी एल सी का कहना है कि पूंजी निवेशकों के लिये राजस्थान की टीम सबसे फायदेमंद है क्योंकि इस टीम पर लगाये गये पैसों यानि फ़्रैंचायज़ी वैल्यू ६.७० करोड़, उसकी ब्रैंड वैल्यू (३.९५ करोड़ डॉलर) से ५९ फीसदी अधिक है, जिसे निवेशक काफी पसंद करते है. साथ ही राजस्थान की टीम पिछले वर्ष आई पी एल जीत चुकी है.