Sunday, April 15, 2012
अब महिलाओं के लिए नया कामसूत्र
70 % फीसदी चीनी लांघ देते हैं हद
हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार 70 प्रतिशत चीनियों ने यह बात स्वीकार की है
कि वे विवाह से पहले सम्बंध बना चुके हैं।
समाचार पत्र 'पीपुल्स डेली' ने अपनी रपट में सेक्सोलॉजिस्ट ली यिंहे द्वारा किए
गए एक अध्ययन के हवाले से लिखा कि वर्ष 1994 के आंकड़ों से पता चलता है कि केवल 40
प्रतिशत लोग ही विवाह पूर्व सम्बंध बनाते थे, वहीं वर्ष 1989 में यह संख्या मात्र
15 प्रतिशत थी।
'रिपोर्ट ऑन द हेल्थ ऑफ चाइनिज पीपुल्स सेक्स लाइफ' नाम की इस रिपोर्ट को
'मीडिया सर्वे लैब' और 'इनसाइट चाइना' पत्रिका ने संयुक्त रूप से जारी किया है।
रिपोर्ट बताती है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं विवाह पूर्व सम्बंध बनाने का
विरोध करने की अधिक इच्छुक होती हैं।
सर्वेक्षण के दौरान 31 प्रांतों के 1,013 लोगों का साक्षात्कार लिया गया और
मार्च में 20,000 लोगों ने इंटरनेट की मदद से अपनी पसंद जाहिर की।
सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 70 प्रतिशत लोग 20 से 39 वर्ष के बीच के हैं,
जिनमें से 64 प्रतिशत के पास स्नातक की डिग्री है।
ली ने बताया कि विवाह पूर्व सम्बंध बनाने में वृद्धि ऐसे चीनी लोगों की प्रवृति
में बदलाव का परिणाम है, जो इसे आनंद के तौर पर लेते हैं। उन्होंने कहा कि
किशोरावस्था और शादी की कानूनी उम्र की अवधि के दौरान सम्बंध बनना लाजमी था।
वर्तमान में चीन में पुरुषों के लिए शादी की कानूनी उम्र 22 वर्ष और महिलाओं के लिए
20 वर्ष है।
सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि विवाह पूर्व सम्बंध बनाने वालों की बड़ी
संख्या होने के बावजूद सर्वेक्षण में भाग लेने वाले आधे से ज्यादा लोगों ने कहा कि
उन्होंने सम्बंध बनाने से पहले किसी भी तरह की यौन शिक्षा नहीं ली थी।
नौ प्रतिशत से कम लोगों को स्कूलों में यौन सम्बंधों के बारे में बताया गया था।
जबकि मात्र 1.5 प्रतिशत प्रतिभागी ऐसे थे, जिन्हें उनके माता-पिता द्वारा यौन
शिक्षा दी गई थी।
गौरतलब है कि अधिकतर चीनी नागरिकों के लिए यौन शिक्षा के बारे में जानकारी
प्राप्त करने के लिए इंटरनेट प्राथमिक स्रोत है।
दूसरों को सेक्स करते देखना पसंद है?

बातें आपको अच्छा लगती हैं ? इनकी लिस्ट पर डालिए एक नज़र...
गुप्तांगों तक को पियर्स कराने का हिम्मत रखते हैं।
छूना अच्छा लगता है।
पसंद आती हैं , जो अपने बालों की पोनीटेल या चोटी बनाया करती हैं।
सेक्स में अब वो बात नहीं रही?
नहीं दिखती जो कि पहले के समय में देखी जाती थी।
आज की तारीख में फिजिकल इंटीमेसी के लिए किसी को लुभाने की कोशिश ही नहीं करनी पड़ रही है। प्रेम के शरीर तक पहुंचने के लिए जो हालात बनाने होते थे या फिर जो तिगड़में लगानी होती थीं, जिन्हें हम सेड्यूस करना कह सकते हैं, की अब कोई जरूरत ही नहीं रह गई है। एक्सपर्ट कहते हैं कि भारत में भी अब सेक्स को लेकर काफी हद
तक ओपननेस आ चुकी है। अब एक खूबसूरत हॉट लड़की जब रूम में घुसती है तो वहां मौजूद
लोगों की दिलों की धड़कन बहुत तेजी से दौड़ नहीं लगाती। अमूमन होता यह है कि लोग
सेक्स को ले कर खाए-अघाए जैसे होते हैं। और यही वह वजह है कि सेक्स को लेकर
एक्साइटमेंट, थ्रिल और कुछ नए की फीलिंग नदारद हो गई है। और भी कुछ कारण हैं जिनके चलते सेक्स के प्रति उदासीनता है
बिना रोक टोक :
मिल जाता है सेक्स अब सेक्स कोई ऐसी चीज नहीं रह गई जिसे पाना मुश्किल हो। जिसके लिए जुगाड़ लगाने पड़ते हों। दूसरे की पत्नी, पति, बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, डैड, मॉम, बेटी, बेटा... हर जगह आज व्यक्ति अपने लिए मनपसंद पार्टनर ढूंढ लेता है। हल्की-फुल्की फ्लर्टिंग से बात सेक्स तक पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। सोसायटी में अब पब्लिक प्लेस पर किस और हल्की-फुल्की करीबी स्वीकारी जाने लगी है। ऐसे में हाथ पकड़ने भर से न तो लड़की और न ही लड़के के जिस्म में कहीं सिहरन दौड़ती है। ऐसे में सेक्स को ले कर अब वो थ्रिल नहीं
सेक्स पहले, बात बाद में :
स्टूडेंट काउंसलर प्रथा डी का कहना है, 'आज कल जब युवा लड़के लड़की आपस में मिलते हैं तो कोई बड़ी बात नहीं कि ज्यादातर मामलों में वे मिलने के 12 घंटे के भीतर बिस्तर तक भी पहुंच जाएं। कई लोगों के लिए यदि नाइट आउट सेक्स पर खत्म न हो तो वह वेस्ट नाइट है। युवा इमोशनल कम्पैटबिलटी से पहले फिजिकल कम्पैटबिलटी
हासिल कर लेना चाहते
हर कोई यहां पोर्न स्टार है :
पोर्न फिल्में/ब्लू फिल्में अब पहले की तरह कसमसाहट नहीं पैदा करतीं। लोग पोर्न फिल्में खरीद कर देखते नहीं बल्कि इंटरनेट से डाउनलोड कर लेते हैं। अब मोबाइल फोन्स पर सेक्स क्लिपिंग्स हैं और आप जब चाहें पोर्न जैसा यानी पोर्न का आनन्द ले सकते हैं। ऐसे में क्या वाकई यह आनंद है? नहीं..। अब थ्रिल इस बात में नहीं है कि 'आप पोर्न देख रहे हैं' बल्कि यदि 'आप देखे जा रहे हैं' तो इस बात में थ्रिल
बोरियत भी है एक कारण :
जानकार कहते हैं कि सेक्स से विरक्ति या मोहभंग जैसा कुछ कोई ट्रेंड में आने वाली चीज नहीं है बल्कि इसका लेना देना व्यक्ति की बायलॉजी से है। हमारे दिमाग की सरंचना कुछ इस तरह हुई है कि वह हमेशा नयापन चाहता है और जब हमें वह नॉवल्टी, वह नयापन.. मिलना बंद हो जाता है तब हम बोर हो जाते हैं। एक आइसक्रीम भी रोज खाई जाए तो वह बुरी लगने लगती
The solution: तो फिर सेक्स में रुचि जगाई कैसे जाए ?
सॉल्यूशन यह है कि परहेज किया जाए। यानी, सेक्स से परहेज किया जाए केवल कुछ दिनों के लिए। इस बीच अपने रूटीन में और अन्य कामों में मजे तलाशें। सेक्स से कुछ दिनों की तौबा के बाद जब आपको सेक्स का मौका मिलेगा तो आप बहुत अच्छा फील करेंगे। फैमिली काउंसलर जैसन एस कहते हैं, 'सोचने के लिए वक्त निकालें, और खुद में झांके। अपने लिए ऐसा पार्टनर तलाशें जिसके साथ आप इंजॉय करते हों। सिर्फ सेक्स के लिए नहीं बल्कि उस व्यक्ति का साथ आपको अच्छा लगता हो। आप उस पार्टनर के साथ खूब हंसते हों, या अपनी निजी जिन्दगी से जुड़ी चीजें शेयर करते हों। अपने पार्टनर की पर्सनैलिटी को एक्सप्लोर करें।'
Thursday, February 9, 2012
रॉयल लुक का जमाना
मौसम के बदलते ही फैशन गली में हलचल दिखने लगती है। अब साल 2012 के फैशन पर डिजाइनर्स जोर दे रहे हैं, क्योंकि जनवरी के बाद से तापमान में कमी आने लगती है और आगे शादियों का सीजन भी होता है। यानी समर कलेक्शन की तैयारी अभी से होने लगी है। इसलिए डिजाइनर्स नए कलेक्शन के साथ बाजार में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
इस बार हमने भी अपने कलेक्शन में आने वाले मौसम को ध्यान में रख कुछ नया एक्सपेरिमेंट किया है। हम अपने सिग्नेचर वायब्रैंट और इनोवेटिव स्टाइल में समर कलेक्शन के तौर पर कुछ अनूठे स्टाइल पेश कर रहे हैं। कलेक्शन में ट्रेंड का ही नहीं बजट का भी खास ख्याल रखा है। परिधानों में रेट्रो-वेस्टर्न का टच दिया गया है। डे्रसेज में फ्यूजन का तड़का नयापन लिए होगा। 19वीं सदी के साथ मुगलई टच भी आपको कपड़ों में दिखेगा। कुर्तियां छोटी और फिटिंग की होंगी। सलवार में पटियाला व धोती स्टाइल वाली सलवार की मांग रहेगी। रेडीमेड कपड़ों पर जोर रहेगा। मेरे कहने का तात्पर्य साड़ी से है। प्लेट्स और पल्लू बनी साड़ियों के साथ-साथ लंहगे और सूट को काफी ईजी बनाया गया है, ताकि इसे आसानी से कैरी किया जा सके।
रंगों की बात करें, इस बार भी ब्राइट कलर फैशन में रहेंगे। पर्पल, फ्यूशिया, ग्रीन, ग्रे, ब्राउन इलैक्ट्रिकल ब्ल्यू, केली ग्रीन, स्कूबा, व्हाइट और खाकी को खास प्राथमिकता दी गई है। जहां तक फैब्रिक का सवाल है, तो जॉर्जेट, नेट विथ टेक्सचर, लाइक्रा, फ्लोरल नेट फै शन में रहेंगे। सिल्क को दूसरे फैब्रिक के साथ मिक्स किया गया है।
साड़ियों की जो भी वैरायटी आएगी, उसमें नेट टेक्सचर का खूब इस्तेमाल होगा। वहीं एम्ब्रॉयडरी में मुगलई और विक्टोरियन टच देखने को मिलेगा। ड्रेसेस के साथ बोल्ड एक्ससरीज जैसे बड़े-बड़े हूप्स, बैंगल्स फैशन में रहेंगे। साड़ियों के साथ हैवी ज्वैलरी का फैशन रहेगा। ये आपके लुक को रॉयल व ग्लैमरस बनाएंगे।
स्मार्ट मम्मी नो टमी!
जब मीडिया में ऐश्वर्या रॉय बच्चन के प्रेग्नेंट होने की खबर आई, तो लोगों को लगा कि ऐश्वर्या के ग्लैमर का जादू अब देखने को नहीं मिलेगा। आखिर वो मां जो बन गई हैं। मां यानी गोल-मटोल पारंपरिक वेश और बच्चों की देखरेख में खुद को भुला देने वाली शख्सियत। पर उन अटकलों पर विराम लगाते हुए ऐश्वर्या फिर से सक्रिय होने के मूड में हैं। एक बेबी को जन्म देने के बाद ऐश्वर्या पहले जैसी लुक पाने के लिए सीनियर ट्रेनर की मदद ले रही हैं।
वो अब जल्द ही फिल्मों में वापसी कर रही हैं। हालांकि यह सच है कि शादी होते ही फिल्म इंडस्ट्री में हीरोइनों की डिमांड कम होने लगती है और बच्चे को जन्म देते ही कैरियर को गुड बाय करने का समय आ जाता है, लेकिन बदलते समय और कैरियर के प्रति सजग महिलाओं ने इस परिभाषा को बदल दिया है। दो बच्चों को जन्म देने के बाद धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने भी बॉलीवुड में वापसी की है। करिश्मा कपूर भी और ग्लैमरस होकर फिल्मों में वापसी के लिए तैयार हैं। मलाइका अरोड़ा खान ने मां बनने के बाद भी अपनी हॉट इमेज को बरकरार रखा है।
लटके-झटके वाले आइटम डांस ‘मुन्नी बदनाम हुई...’ से साबित कर दिया कि आइटम डांस आज भी उनके बिना अधूरे हैं। सोनाली बेंद्रे ने भी मां बनने के बाद फिर से अपनी ग्लैमरस छवि के बलबूते रियलिटी शो ‘टैलेंट हंट’ में जज की भूमिका निभाई। काजोल दो बच्चों की मां होकर स्लिम-ट्रिम हैं। रवीना टंडन, जूही चावला, नंदिता दास जैसी और कई अभिनेत्रियां हैं, जिन्होंने अपनी डाइट और फिटनेस का ख्याल रखकर अपने को चुस्त-दुरुस्त रखा है और कैरियर में सक्रिय भी हैं।
सच! आज की न्यू मॉम जानती हैं कि कैसे उसे मां बनने के अनोखे अनुभव को महसूस करते हुए अपने जीवन की डिमांड को भी तवज्जो देनी है। और यह तभी संभव है जब आप पोषक तत्वों से भरपूर सही और भरपूर डाइट लें। पूरी नींद लेने के साथ योगा और एक्सरसाइज भी करें। एक सर्वे में भी यह बात सामने आई है कि ग्रूमिंग आपके टैलेंट को और बेहतर बनाती है, साथ ही आपके अंदर आत्मविश्वास जगाती है। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, टॉप की कॉरपोरेट कंपनियां अब अपने उन महिला कर्मचारियों को दोबारा बुलाने में ज्यादा रुचि ले रही हैं, जो प्रेग्नेंसी के कारण कैरियर ब्रेक ले चुकी हैं। कारण कंपनियां अपने उस कर्मचारियों को बेहतर समझती हैं।
मन का बंधन तोड़ें
मैक्स हॉस्पिटल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. समीर पारेख कहते हैं, ‘मां बनने का अनुभव दुनिया का सबसे अनोखा अनुभव है, मगर साथ ही आपका खुद का भी व्यक्तित्व है। इसे किसी एक रिश्ते में बांधकर जीने से जीवन बोझिल लगने लगता है। इसलिए मां बनने के बाद मेडिकल एडवाइस को नजरअंदाज न करें। यदि आप वर्किंग हैं और काम पर फिर वापस लौटना है, तो फिटनेस के प्रति लापरवाही बिल्कुल न बरतें। अपने बच्चे के प्रति ईमानदार रहें और उसे पर्याप्त समय दें। छुट्टियों में भी अपने डेली रुटीन को बनाए रखने की कोशिश करें। परिवारजनों और दोस्तों के साथ समय गुजारें और मस्ती करें। एक या दो बच्चों की मां हैं, यह सोचकर खुद को भूलने के बजाय एक-एक पल का भरपूर आनंद उठाइए व एंजॉय करिए।’ यदि आपकी पहली प्राथमिकता आपका बच्चा है, तो दूसरी प्राथमिकता में आपकी अपनी इच्छाएं और आकांक्षाएं भी होनी चाहिए। यदि आप असंतुष्ट रहेंगी, तो कभी भी दूसरों को संतुष्ट नहीं रख पाएंगी। अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने प्रति भी ईमानदार बनिए। दिनचर्या का एक सामान्य टाइम टेबल बनाएं और उसे फॉलो करें। इससे आपका समय और एनर्जी दोनो बचेंगी।
बॉडी की फिटनेस पर दें ध्यान
फिटनेस एक्सपर्ट याश्मीन मनक कहती हैं, ‘आज फिटनेस प्री और पोस्ट डिलिवरी बेहद महत्वपूर्ण है। प्रेग्नेंसी के अलग-अलग सेमेस्टर में भिन्न प्रकार की एक्सरसाइज की जाती है। लेकिन कोई भी सेशन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की राय जरूर लें। दूसरे बिना फिटनेस एक्सपर्ट के कोई एक्सरसाइज न करें। ब्रिस्क वॉक आप पूरे समय कर सकती हैं। आपका केस नॉर्मल है या सिजेरियन इस पर भी आपकी एक्सरसाइज निर्भर करती है। नॉर्मल डिलिवरी के दो या तीन सप्ताह के बाद कोई भी महिला वॉकिंग और स्ट्रेचिंग जैसी वर्कआउट शुरू कर खुद को फिट रख सकती है। मेरे पास ऐसी युवतियों की कमी नहीं, जो प्रेग्नेंसी से पहले ही एक्सरसाइज पर ध्यान देने लगती हैं। ऐसी महिलाओं को पहले की तरह शेप में आने में जरा भी देर नहीं लगती। अगर आप भी अपने शरीर के प्रति जागरूक हैं, तो हेल्दी तरीके अपनाकर फिट रह सकती हैं।’
योग का कोई नहीं तोड़
फिल्म एक्ट्रेस लारा दत्ता भी प्रेग्नेंट हैं और जल्द ही मां बनने वाली हैं। डिलिवरी से पहले से ही लारा योग की नियमित क्लासेज ले रही हैं, ताकि डिलिवरी नॉर्मल हो औैर उनकी फिटनेस भी सही रहे। लारा ने तो इसकी सीडी भी तैयार करवाई है ताकि इसका लाभ और लोग भी लें। कुछ बड़े हॉस्पिटल इस तरह कीक्लासेज उपलब्ध करवा रहे हैं, जहां आपको डिलिवरी से संबंधित सारी बातें बताई जाती हैं। डाइटिशियन शिखा शर्मा कहती हैं, ‘मैं अपने अनुभव से कह सकती हूं कि योग ही अकेला ऐसा सुरक्षित तरीका है, जो आपको फिट रहने में मदद करता है। बाकी वर्कआउट से आपको थकान हो सकती है, पर इससे नहीं। यह तन व मन दोनों को स्वस्थ रखता है। इसका असर बच्चे के विकास पर भी होता है। योग आप प्रेग्नेंसी के दौरान भी कर सकती हैं और इसके तुरंत बाद भी, लेकिन डॉक्टर की सलाह लेकर। यह न केवल आपको चुस्त रखता है, बल्कि प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याओं को काफी हद तक कम भी करता है।’
सही डाइट, डाइटिंग नहीं
स्लिम-ट्रिम दिखने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप जरूरी पोषक तत्वों को अपनी डाइट से निकाल फेंकें। डिलिवरी के बाद आपको और भी ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है, क्योंकि तब आप अपने बच्चे को फीड कर रही होती हैं। ऐसे में उसे भी जरूरी पोषक तत्व चाहिए। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जरूरी मिनरल्स, विटामिन्स, फाइबर के साथ कितना आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन आपके लिए जरूरी है, यह जानने के लिए अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें। कार्बोहाइड्रेट कितना लेना है और कब नहीं, यह भी जानें। जो डाइट दूसरे को फायदा दे रही हो, वह आपको भी फायदा पहुंचाए यह कतई जरूरी नहीं है। दूसरी तरफ लो-कैलोरी डाइट लेने का भी यह अर्थ नहीं कि आप उसे असीमित मात्रा में खा सकती हैं। ज्यादा भूखे रहने पर भी शरीर को इसकी आदत हो जाती हैं, इसलिए न कम खाना अच्छा है, न ही ज्यादा। यह बात हमेशा ध्यान रखिए कि डाइटिंग से वजन तो कम होता है, लेकिन शरीर में पानी और मसल्स दोनों की कमी हो जाती है। नतीजा होता है आलस, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी, जो आपकी कार्यशैली को भी प्रभावित करती है।
कब और क्या करें
शिखा शर्मा कहती हैं,‘शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखना है, तो संतुलित डाइट लेना बेहद जरूरी है। समय का अभाव है, यह बहाना कर जंक फूड को प्राथमिकता देना सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं तो और क्या है? हेल्दी खाना न सिर्फ शरीर को फिट रखता है, बल्कि मन को भी स्वस्थ रखता है। ब्रेकफास्ट में जूस या अन्य मौसमी फल ले सकती हैं। रात का खाना हमेशा सोने से दो घंटे पहले ही लें। प्राणायाम और वॉक रोज करें। डिलिवरी के बाद कौन-सी एक्सरसाइज कब-कब करनी चाहिए और कितनी देर यह सब जानने के लिए एक्सपर्ट की सलाह जरूरी है। इस तरह फिटनेस से भरपूर मातृत्व आपके जीवन की खुशियों को बढ़ा देगा।’
सोने से पहले...
न्यूरोसाइंटिस्ट रेबेका स्पेंसर और बेंगी बारन के मुताबिक ‘यह शोध उन लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है जो किसी बुरे हादसे के बाद तनाव में हैं। एक्सीडेंट या इसी तरह की कोई अन्य घटना देखने के कुछ देर बाद आप फ्लेशबैक में वैसा ही सीन दोबारा देखते हैं, तब आपको उतनी तकलीफ नहीं होती। जबकि अगर कोई बुरी घटना देखने के बाद आप सो जाते हैं और फिर वैसा ही कुछ देखते हैं तो ये पहले की तुलना में काफी तकलीफदेय होता है। १८ से ३० साल की 68 महिलाओं और 38 पुरुषों पर नींद के साइडइफेक्ट जानने के लिए कुछ प्रयोग किए गए।
न्यूरोसाइंटिस्ट्स ने पोलीसोमनोग्राफ (स्लीप टेस्ट) की मदद से ये पता लगाने की कोशिश की कि नींद के दौरान सपने और दिमाग की अन्य गतिविधियों की वजह से भावनात्मक आघात की प्रक्रिया पर क्या असर पड़ता है। इस दो स्तरीय प्रयोग के दौरान प्रतिभागियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर कुछ पिक्चर दिखाए गए। इसके बाद 1-9 के स्के ल पर पिक्चर्स को दुखी और खुश या शांत और उत्साहजनक का टाइटल टैग देने के लिए कहा गया। बारह घंटे बाद प्रतिभागियों को कुछ नई और कुछ पहले दिखाई जा चुकी पिक्चर दोबारा दिखाई गईं। इसके बाद दोबारा उन पिक्चर्स को रेट करने के लिए कहा गया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि नींद का प्रतिभागियों की भावनाओं और याददाश्त पर काफी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। शोधकर्ताओं के अनुसार इस प्रयोग के नतीजे अब तक किए गए शोध के निष्कर्षों से उलट है। इससे पहले किए गए शोध कहते हैं कि सोने के बाद बुरी बातों को भूलने में मदद मिलती है। जबकि ताजा शोध के अनुसार नींद काफी बुरा रोल निभाती है। यह शोध न्यूरोसाइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
पैसा-पैसा करते हो
लोगों के दिलो-दिमाग पर पैसे की कमी इस हद तक हावी हो जाती है कि उन्हें नींद तक नहीं आती। अध्ययन के अनुसार ब्रिटेन के एक तिहाई लोग आर्थिक तंगी के कारण चैन भरी नींद भी नहीं ले पाते। संडे की छुट्टी तो और भी तनाव भरी होती है, क्योंकि इस दिन आने वाले सप्ताह को लेकर दिमाग में उलझन बनी रहती है।
ज्यादातर लोग रात के दो-तीन बजे भी उठकर बैठ जाते हैं। 30 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो ऊंघते रहते हैं, लेकिन टेंशन से सो नहीं पाते। जेब खाली हो तो निजी जीवन पर भी असर पड़ता है, यही कारण है कि पांच में से एक व्यक्तियों को लव लाइफ और ब्रेक-अप की टेंशन होती है। प्रीमियर इन होटल्स द्वारा किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि 10 में से तीन लोगों के चेहरे पर नींद न आने का असर साफ दिखाई देता है, क्योंकि उनके चेहरे मुरझा जाते हैं।
कार के हार्न या फिर कुत्ते की भौंकने की आवाज से भी लोगों को इतना चिड़चिड़ापन नहीं होता, जितना कि मानसिक हलचल के कारण होता है। जबकि मोबाइल की बीप, रिंग या फिर फ्लैश से 20 में से एक व्यक्तियों को जरूर परेशानी होती है, क्योंकि इसमें भी कामकाज या फिर पैसे से जुडे़ संदेश होते हैं। 2000 लोगों पर किए गए इस सर्वेक्षण के अनुसार मानसिक परेशानी के कारण लोग या तो बहुत गुस्सैल हो जाते हैं, या फिर बेहद सुस्त हो जाते हैं।
प्रीमियर इन के प्रवक्ता क्लेयर हेग कहते हैं कि-रात को नींद न आना हर किसी की जिंदगी को आज प्रभावित कर रहा है। वे बताते हैं कि इसका असर हमारे कामकाज और प्रदर्शन पर पड़ रहा है। क्लेयर के अनुसार लोगों को इस बाद से बेहद तकलीफ होती है कि जो काम वे करना चाहते हैं, वह पैसे की कमी के कारण पूरा नहीं होता।
रात को बिस्तर पर जब आराम करने के लिए हम जाते हैं तो परिस्थितियां वास्तविकता से भी अधिक खराब नजर आने लगती हैं। क्लेयर का कहना है कि रात को सोने से पहले दिन भर की बातों को भुलाकर भरपूर नींद लेने की कोशिश करना सेहत के लिए बेहतर होता है।
असहज महिलाएं
शोध कहता कि पार्टी में परस्पर बात करते वक्त पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं का बौद्धिक स्तर कमजोर पड़ जाता है, जिस कारण ऐसा होता है। ह्यूमन न्यूरोइमेजिंग लैब के निदेशक रीड मोंटेग के अनुसार संयुक्त राज्य में किए गए इस शोध में महिला एवं पुरुषों को समूहों में बांटकर परीक्षण किये गये।
नतीजे में पता चला कि समूह में लोगों की संख्या बढ़ने पर महिलाएं असहज हो जाती हैं। इस शोध से जुड़े केनेथ किशिदा कहते हैं कि सामाजिक दबाब से पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक विचलित होती हैं।
प्यार का ट्वीस्ट
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न की रहने वाली एक महिला ने ऐसा एप्लीकेशन बनाया है जो आपको डेटिंग के दौरान की गई गलतियों के बारे में बताएगा। एप में आपसे मुलाकात से जुड़े कुछ सवाल पूछे जाएंगे। इस एप का नाम है वाटवेन्टरांग। इसे हाल ही में लांच किया है आड्रे मेलनिक ने ।
वाटवेन्टरांग केसदस्यों ने बताया कि वो लोगों की व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक नहीं करेंगे और उनकेसवालों केजवाब वो ई-मेल और मैसेज के जरिए उन तक पहुंचा देंगे पहली मुलाकात में बुरे अनुभव से गुजरे लोगों को कंपनी आकर्षक और नए डेटिंग इडिया देगी जिससे वो दोबारा ऐसी गलतियों के शिकार न हों।
लव ऑन हाइटेक
टेंगू यूएसबी
कभी-कभी पीसी पर घंटों काम करते रहना बेहद बोरियत और अकेलेपन वाला अनुभव हो जाता है। आप हर वक्त अपने पार्टनर के साथ भी नहीं रह सकते। तो क्यों न कुछ ऐसा गिफ्ट दिया जाए, जिससे उनकी बोरियत भी दूर हो और आपका अहसास भी बना रहे। इस गिफ्ट का नाम है टेंगू। टेंगू एक यूएसबी पावर कैरेक्टर है जो तरह तरह के चेहरे बना सकता है आवाज निकाल सकता है। ये एक फनी कैरेक्टर है जो बोरियत को आपके आसपास से बिल्कुल डिलीट कर देता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी तरह का साफ्टवेयर इंस्टाल करने की जरूरत नहीं है। अब इसका नाम टेंगू क्यों है। दरअसल टेंगू जापानी कथाओं का एक एक नटखट कैरेक्टर है। पार्टनर के चेहरे पर हंसी आ जाए, इससे प्यारा गिफ्ट और कुछ नहीं हो सकता और टेंगू तो हंसी की गांरटी देता है।
लेंस ब्रेसलेट
कुछ रोमांटिक गिफ्ट देना चाहते हैं। शुरुआत में ही जूलरी वगैरह देना जरा जल्दी होगी। तो एक हाइटेक गिफ्ट दीजिए, जो हो सकता है एक लेंस ब्रेसलेट। ये तरीका है, कैमरा अपनी कलाई पर पहनने का । खासतौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जिन्हें कैमरे का खास शौक है। ये साफ्ट सिलिकन ब्रेसलेट लेंस के केंद्र में आने वाली चीजों का प्रतिरूप है। खासी डिजाइनिंग के साथ इसमें लगा है 50 मिमी का एक एएफ-एमएफ स्वीच। ये ब्रेसलेट यूनिवर्सल साइज में डिजाइन किए गए है, जिन्हें कोई भी पहन सकता है। सबके पसंदीदा लेंस अलग अलग होते हैं, इसलिए आप उसी हिसाब से फोकल लेंथ चुन सकते हैं। इसमें आप 24 से 70 एमएम तक चुन सकते हैं। इस रेंज में सभी तरह की सुविधाएं मिल जाती हैं।
ऑफग्रिड सोलर बैकपैक
क्या आपके पार्टनर को इलेक्ट्रानिक डिवाइस बहुत पसंद हैं? क्या वो एक समय में कई काम करना पसंद करते हैं? और क्या वो पिट्ठू बैग का इस्तेमाल करते हैं? अगर इन तीनों सवालों का जवाब हां है तो फिर आपको यही गिफ्ट देना चाहिए। ऑफग्रिड सोलर बैकपेक। इसमें लेपटॉप, सेलफोन और दूसरी तरह के कई गैजेट सुरक्षित तरीके से रखे जा सकते हैं। कमाल की बात ये हैं कि ये सभी बैग पर लगे सोलर पावर पैक से चार्ज भी हो जाएंगे। एक दूसरे की जरूरतों का ध्यान रखना भी तो प्यार का ही एक नाम है, ऐसे में ये आपके टेक्नोफ्रेंडली पार्टनर के लिए परफेक्ट गिफ्ट होगा।
हेडफोन
संगीत पसंद करने वालों को हेडफोन मिल जाए तो क्या बात है। सारी दुनिया को भूल बस आपके इस गिफ्ट के साथ जब वो वक्त बिताएंगे तो आप को साथ ही पाएंगे। पीसी हो या एमपी थ्री या फिर कोई दूसरा ऑडियो आउटपुट किसी भी डिवाइस के साथ हेडफोन इस्तेमाल किया जा सकता है।
Monday, April 25, 2011
ऐसे पाएं सेक्शुअल निर्वाण

सेक्स से जुड़े मिथ
क्या आपको सेक्स के बारे में सबकुछ पता है? आपको लगता होगा कि आप सब जानते हैं, लेकिन इससे जुड़ी कुछ गलतफहमियों को लोग दिल से लगाए रखते हैं, जबकि सच कुछ और ही होता है। क्या आपने भी कोई ऐसी गलतफहमी पाल रखी है? तो ज़रा यह पढ़ें-गर हो पहली डेटिंग
डेटिंग का मतलब है एक दूसरे को समझने की कसरत। लेकिन जब आप पहली डेटिंग पर जा रहे हों, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है: जब बात पहले डेट पर जाने की हो, तो झिझकना एक सामान्य-सी बात है। लेकिन जब बात फर्स्ट इंप्रेशन की हो, तो आपका झिझकना ठीक नहीं। फर्स्ट डेट पर कुछ खासों बातों का खयाल रखना जरूरी होता है, ताकि सामने वाले को आप इंप्रेस कर सके और उसके बारे में काफी कुछ पता कर सकें। फर्स्ट डेट पर कभी भी उसके पिछले प्यार के बारे में न पूछें। वास्तव में, इसे तो तब तक अवॉइड करना चाहिए, जब तक कि वह खुद इस टॉपिक को नहीं छेड़ती। ऐसा संभव है कि उसका पिछला प्यार दुख पहुंचाने वाला रहा हो या फिर वह अभी भी उसे प्यार कर रही हो। ऐसे में पहले ही दिन का मजा किरकिरा करना ठीक नहीं। किसी लड़की की रुचियों के बारे में जानने का ट्रिकी फॉर्म्युला यह है कि आप उससे पिछले ट्रैवल डेस्टिनेशन के बारे में बात करें और पूछें कि भविष्य में वह कहां जाना चाहती है। अगर वह ऐसे किसी प्लेस की जानकारी आपको देती है, जहां वह जाना चाहती है तो आप वहां चलने का ऑफर उसे दे सकते हैं। इस टॉपिक पर बातचीत का बड़ा फायदा यह है कि आपको एक-दूसरे के कल्चरल बैकग्राउंड और नए एडवेंचर्स के प्रति खुले नजरिए का पता चल जाएगा। उससे उसके दोस्तों के बारे में पूछिए। अगर आप उन दोस्तों को नहीं जानते हैं, तब भी वह अपने दोस्तों और उनसे मिलने के बारे में आपको खुशी-खुशी बताएगी। उसके दोस्तों की जानकारी से आप उसके बारे में भी काफी कुछ समझ पाएंगे। अगर आप पहले डेट पर किसी बार या रेस्तरां में हैं, तो आप यह आसानी से पता लगा सकते हैं कि खाने-पीने के मामले में उसकी रुचि क्या है। और यह भी कि कहीं वह अल्कोहल तो नहीं लेती। जब आप बात कर रहे हों, तो करियर और एजुकेशन की बातें क्यों छोड़ी जाएं? ऐसे में एकेडमिक अचीवमेंट और जॉब की बातें आपको उसे समझने और उत्साहित करने में मदद करेंगी। आप उसकी हॉबिज के बारे में बात कर सकते हैं। वह क्या पसंद करती है? खेल में उसकी कितनी दिलचस्पी है? किस तरह का संगीत पसंद है? इन सवालों के जवाब से आपको यह पता चलेगा कि आपके बीच कितना बेहतर बॉन्ड बन सकता है। बहरहाल, इन सबके बावजूद एक बात हमेशा याद रखें और वह कि एक ही मुलाकात में आप किसी के बारे में सब कुछ नहीं जान सकते हैं। इसलिए सब्र रखें और कुछ चीजें बाद के दिनों के लिए भी छोड़ दें।
सेक्स से बोर हो गए क्या?

तो आप अपनी सेक्स लाइफ से बोर हो गए हैं ... इसीलिए तो आपने इस लिंक को क्लिक किया है...वैसे अगर नहीं हुए हैं तो भी हम आपको आपकी रिलेशनशिप के सेक्स पार्ट को बढ़िया बनाने के कारगर टिप्स देने जा रहे हैं।
वैसे सबसे पहले तो यह जान लें कि It's all in the mind. अगर हम अपने शरीर को प्यार करते हैं और अपने पार्टनस के साथ भावानात्मक संबंध रखते हैं तो सेक्स पार्ट कभी भी बुरा नहीं हो सकता है। हालांकि किसी रिलेशनशिप के लिए सेक्स ही इकलौता पार्ट नहीं है जो इसे बनाता या बिगाड़ता हो, लेकिन एक महत्वपूर्ण हिस्सा तो है ही न। तो फिर क्यों इसमें बोरियत को जगह दी जाए....
कामसूत्र पढ़ें। लव- मेकिंग के नए-नए तरीके आपको इसमें से मिलेंगे जो आपकी सेक्स लाइफ को बढ़िया
अपनी ओर से पहल करें और वह सब कुछ करें जो आप करना चाहते हैं। हर बात के लिए पार्टनर की ओर से कदम बढ़ाने का ही इंतजार न करते रहें। याद रखें कि एक अच्छा रिश्ता संवाद और वफादारी की बुनियाद पर टिका है। अपने रिश्ते को इन दोनों चीजों से भरपूर बना दें। फिर देखें कि आपकी सेक्स लाइफ की बोरियत कैसे दूर होती
साथ बैठने से झिझकें नहीं। आकर्षण से ही इश्क की गहनता बढ़ती
किसी नवयुवक या नवयुवती की तरह भी कभी-कभी व्यवहार किया जा सकता है। यानी, जब आप एक दूसरे के करीब हों तो किशोर-किशोरी की तरह ऐक्ट करने से घबराएं
लिफ्ट में नजदीकियां रोमांटिक भी होंगी और थ्रिलिंग भी। हां, यह ध्यान रखें कि जब लिफ्टे के दरवाजे खुल जाएं तब तक आप थोड़ा दूरी बना चुके
लव- मेकिंग के दौरान चुप न रहें। कुछ-कुछ चटपटा बोल दें। अपने पार्टनर को मुस्कुराने पर मजबूर कर दें अपने चटपटे कॉमेंट
बैड के नीचे सैक्स किट रखें। इसमें तेल, सेक्स टॉयज, रीडिंग मटीरियल, फिल्मों की सीडीज, लुब्रिकेंट्स और कॉन्डम रखें। फिर देखें कि कैसे सेक्स से हो रही बोरियत छू मंतर हो जाती है!!!!
Sunday, December 19, 2010
यानी महिला सुंदर है?
न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी, हॉन्गकॉन्ग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी और तियानजिन पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों की एक इंटरनैशनल टीम ने इस बारे में स्टडी की। टीम ने दावा किया है कि शरीर की बनावट से महिलाओं की सुंदरता को आंकने से जुड़ी यह अब तक की सबसे बड़ी स्टडी है।
स्टडी में शामिल प्रोफेसर रॉब बूक्स ने कहा कि सुंदरता को लेकर की गई ज्यादातर स्टडीज धड़, कमर और नितंबों के आकार के आकलन पर ही आधारित रही हैं। लेकिन हमने अपनी स्टडी में पाया है कि बांहों की लंबाई और आकार भी सुंदरता के मामले में एक बड़ा पैमाना हैं। यह पूरे शरीर की बनावट और वजन में एक तरह से चार चांद लगाने का काम करता है। इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) और एचडब्ल्यूआर (हिप-टू-वेस्टरेश्यो) किसी भी महिला में आकर्षण के सबसे बडे़ पैमानों में से हैं।
मैंने क्यों की शादी?
ब्रिटेन में हुए एक नए सर्वेक्षण में यह कहा गया है कि शादी के 10 साल के बाद पति और पत्नी के बीच उस तरह का तालमेल नहीं रह जाता, जैसा शादी के ठीक बाद होता है। इस सर्वेक्षण में 3,000 शादीशुदा पुरुषों और महिलाओं से उनकी राय ली गई और फिर इस नतीजे पर पहुंचा गया।
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार, शोधकर्ताओं का कहना है कि पति और पत्नी एक-दूसरे को उस समय उबाऊ लगने लगते हैं, जब शादी को 10 साल पूरे हो जाते हैं। शादी के एक दशक पूरा होने के बाद पति-पत्नी के बीच पहले जैसा उत्साह नहीं रह जाता और वे रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी महसूस करने लगते हैं।
एक सर्वेक्षण के अनुसार, 'हर पांचवे दम्पति को यौन जीवन में भी निराशा लगने लगती है। सर्वेक्षण में शामिल 12 फीसदी लोगों का यह कहना है कि उन्हें याद नहीं कि पिछली बार उनके साथी ने कब उनकी तारीफ की थी। कई लोगों ने यह माना कि वे अक्सर सोचते हैं कि उन्होंने इस साथी (पति या पत्नी) से शादी क्यों की?'
बीवी है खूबसूरत, तो बेटी होगी
रिप्रोडक्टिव साइंसेज में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार सुंदर औरतों और मर्दों में कम सुंदर दिखने वालों की तुलना में बेटी होने की संभावना ज्यादा होती है।
लंदन स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स की विकासवादी मनोविज्ञानी एस. कानजवा ने मार्च 1958 में ब्रिटेन में जन्मे 1700 बच्चों का अध्ययन किया है। उन्होंने सभी बच्चों के बारे में उनके जीवन के अनेक स्तरों का अध्ययन किया। अध्ययन में यह देखा गया कि स्कूल और कॉलेज में इन बच्चों को उनके शिक्षकों ने सुंदर कहा या बदसूरत। और 45 साल की उम्र में इन्हीं लोगों से उनके बच्चों और बच्चों के लिंग के बारे में पूछा गया।
सभी आंकड़ों को जमा करने के बाद कानजवा ने पाया कि अध्ययन के लिए लिए गए नमूने वाले लोगों में से 84 प्रतिशत लोगों को बेटे और बेटियां दोनों हुई, जबकि जो लोग खूबसूरत नहीं थे उन्हें बेटे ज्यादा हुए।
कानजवा ने कहा कि आम तौर पर सुंदर होना कन्या शिशु तय करने के लिए एक मजबूत निर्धारक है। औसतन बदसूरत लोगों में से 56 में बेटे के माता-पिता बनने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
उनका मानना है कि हम बच्चों के लिंग को सुंदरता के साथ जोड़कर जिस लिंग के बच्चे चाहें पैदा कर सकते हैं। मर्दों के लिए यह बात हमेशा आसान रहती है क्योंकि वे शादी के रिश्ते में हों या फिर अफेयर की बात हो अपने लिए एक सुंदर पार्टनर ही खोजते हैं।
मगर औरतें सिर्फ अफेयर के लिए ही सुंदरता को देखती हैं, लंबे समय के बंधन के लिए वे हमेशा पैसे, सामाजिक स्थिति जैसी चीजों को देखती हैं।
रिफ्रेश होगी सेक्स लाइफ
कहीं भी, कभी भी
इस बात को कतई झुठलाया नहीं जा सकता है कि पुरुष कभी भी, कहीं भी सेक्स के लिए तैयार हो जाते हैं। दरअसल, सेक्स को लेकर उनकी सोच महिलाओं की तरह नहीं होती। इसलिए आपका पार्टनर जब भी सेक्स की डिमांड करता है, तो उसे पूरी करने की पूरी कोशिश करें। ध्यान रखें कि पुरुष रोमांस और सेक्स को अलग- अलग रखकर चलते हैं। उनके लिए इन दोनों का आपस में कोई कनेक्शन नहीं होता। इसलिए अगर आपका पार्टनर फिजिकल रिलेशन चाहता है और उसका मूड रोमांस का नहीं है, तो भी उसको पूरा सहयोग दें। उनके इस अंदाज से इस निष्कर्ष पर न पहुंचे कि वह आपसे प्यार नहीं करता।
यू आर सेक्सी
सेक्स के दौरान अपने एक्सप्रेशन को छुपाएं नहीं। पार्टनर को हग करने से लेकर किस करने तक में उसका सहयोग करें। अगर आप बेड पर अपने पार्टनर की हेल्प नहीं करतीं, तो आपका रियल लाइफ में अच्छा होना मायने नहीं रखता। अच्छे सेक्स के लिए अपनी फेमिनन एनर्जी को बनाए रखें। अगर आप सेक्स के दौरान सुस्त रहेंगी, तो सेक्स संबंधों को भरपूर इंजॉय नहीं कर पाएंगी। अगर आपको अच्छा महसूस हो रहा है, तो अपनी फीलिंग्स खुलकर जाहिर करें।
बी ओपन
एक जरूरी चीज जो आपके लिए समझनी जरूरी है कि वह आपका दिमाग नहीं पढ़ सकते। इसलिए आप अपने पार्टनर से कुछ चाहती हैं, तो खुलकर जाहिर करें। बाद में यह शिकायत करना कि आपको तो हर चीज समझानी पड़ती है, गलत है। खुलकर उनको बताएं कि फिजिकल होने के दौरान आपको क्या पसंद है और क्या नहीं। यहीं नहीं, अपने ऐसे बॉडी पार्ट्स के बारे में भी बताएं, जिन्हें उनका छूना आपको अच्छा लगता है। इससे आपके साथ आपके पार्टनर को भी इस बात को लेकर संतुष्टि रहेगी कि वह जो कर रहे हैं, वह आपको अच्छा लग रहा है।
डोंट इग्नोर फैंटेसी
पुरुषों के दिमाग में सेक्स को लेकर नई - नई फैंटेसी चलती रहती है। उनको अपनी ओर आकर्षित करने का सबसे आसान तरीका है कि आप उनकी फैंटेसी को पूरी करने में उनका साथ दें। लेडीज को यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि पुरुषों की सेक्स में उनसे ज्यादा रुचि होती है और वे इसे खुलकर जाहिर भी करते हैं। यही नहीं , वे सेक्स को अपनी फैंटेसी के मुताबिक करने की इच्छा भी जाहिर करते हैं। जबकि महिलाएं अपनी इच्छा बताती ही नहीं हैं और अगर बताती हैं , तो बहुत कम शब्दों में जाहिर करती हैं। लेकिन इस संकोच से बाहर निकल आइए और खुलकर अपने पार्टनर को बताएं कि आपको क्या पसंद है और क्या नहीं। अगर आप उनको खुलकर नहीं बताएंगे , तो आपका पार्टनर कैसे समझ पाएगा कि आपको फिजिकल रिलेशनशिप के दौरान क्या अच्छा लगता है ? अगर नहीं कह पा रही हैं , तो अपने ऐ क्शन या इंडिकेशन से उनको अपने ड्रीम ऐ क्शन सीन समझा सकती हैं।
वैराइटी जरूरी है
जिस तरह रोजमर्रा में वैराइटी की जरूरत होती है , वैसे ही सेक्स में भी वैराइटी बनाए रखें। एक जैसी ऐ क्टविटीज अपनाने से आप लंबे समय तक सेक्स को एंजॉय नहीं कर सकती। इसलिए इसमें भी नए - नए रास्ते तलाशते रहें। अगर आपका पार्टनर कोई नई पॉजिशन सजस्ट करे , तो उनको गौर से सुनें , समझें और अपनाएं। नहीं , मुझे नहीं जानना व समझना जैसी आदतों को बदल डालें। नई चीजों को एक बार जरूर ट्राई करें। बाद में उन्हें लाइफ में अपनाना और न अपनाना तो आपके अपने हाथ में ही है।
झगड़ों का सल्यूशन
सेक्स आपके प्यार व फीलिंग्स को अपने पार्टनर को जाहिर करने का सबसे आसान तरीका है। इसमें बनी गर्मजोशी आपके प्यार को दर्शाती है। किसी भी रिलेशनशिप में लड़ाई और वाद - विवाद होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन आप इन झगड़ों को पल भर में अपने प्यार से मिटा सकते हैं। बल्कि आपको यह जानकर सरप्राइज होगा कि किसी विवाद के बाद आपका प्यार दोगुना हो जाता है। हालांकि शुरू में आपको इस इमोशनल अटैचमेंट का अंदाजा नहीं होगा , लेकिन आगे चलकर आपको इस प्यार की गहराई पता चलेगी। अगर आपको ऐसा लगता है कि चीजों का समाधान केवल लड़ाई है , तो अब यह सोच बदल डालें। इस तरीके को अपनाएं , फिर आप देखेंगे कि आपकी कई दिक्कतें खुद - ब - खुद सॉल्व होती जा रही हैं।
चुंबक वाली ब्रा!
महिलाओं के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं है। दरअसल, महिलाओं की लॉन्जरी बनाने वाली एक फ्रेंच कंपनी ने ऐसी ब्रा तैयार की हैं जिनमें हुक या बटन नहीं लगे होंगे बल्कि चुंबक लगी होंगी।
ब्रिटेन में एक डिपार्टमेंटल स्टोर सेल्फरिजेस में इस नई तरह की ब्रा बिक्री के लिए कुछ ही दिनों में पेश की जानी है जिसमें हुक नहीं होते बल्कि कुछ खास तरह की मैग्नेट लगी हैं। ये छोटे, न दिखाई देने वाले ऐसे मैग्नेट होंगे जो हुक की तरह ही ब्रो को होल्ड करने का काम करेंगे। यह जानकारी दी है news.com.au. ने। ब्रा के साथ कंपनी आपको क्लिप ऑन, क्लिप ऑफ पैंटी भी देगी जिसकी साइड्स में मैग्नेटिक स्ट्रिप्स लगी होंगी। इनकी ऑनलाइन बिक्री भी इसी सप्ताह शुरू हो जाएगी।
इस ब्रा को तैयार किया है फ्रेंच डिजाइनर लैटिटिया स्कमबर्गर ने। इस ब्रा पैंटी सेट का वजन होगा 165 पॉउंड। जानकार मानते हैं कि पिछले कुछ सालों में लॉन्जरी जगत में इससे बड़ा इन्वेंशन कोई नहीं रहा होगा। ब्रा खोलने की मशक्कत से अब महिलाओं और उनके पार्टनर्स को शायद छुटकारा मिल जाएगा।